पश्चिम बंगाल में सियासी उथल-पुथल जारी है. चुनाव हारने के बाद से TMC लगातार बिखरती जा रही है और एक-एक करके ममता बनर्जी के करीबी उनका साथ छोड़ते जा रहे हैं. अब तक TMC के तीन राज्यसभा सांसद इस्तीफा दे चुके हैं और एक अनुमानित लिस्ट में कई ऐसे बागियों के नाम हैं जो आने वाले दिनों में पार्टी छोड़ सकते हैं. इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद (राज्यसभा) बाबुल सुप्रियो ने पार्टी में चल रही अंदरूनी उथल-पुथल और राजनीतिक अटकलों के बीच एक विस्तृत बयान जारी किया है.
उन्होंने कहा कि मीडिया लगातार उनसे यह पूछ रहा है कि वे किस खेमे में हैं, जिससे वे थक चुके हैं. सुप्रियो ने स्पष्ट किया कि वह पूरी तरह उस पार्टी और नेतृत्व के साथ खड़े हैं, जिसके साथ वर्तमान में जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने जो जनादेश दिया है, उसका सम्मान करना लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है. इसी भावना के तहत वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और राज्य सरकार के साथ तालमेल बनाकर अपने संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यों को आगे बढ़ाएंगे.
बाबुल सुप्रियो ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLAD) फंड को जनता का पैसा बताते हुए कहा कि यह राशि सीधे राज्य सरकार और जिला प्रशासन के माध्यम से खर्च होती है, न कि सांसद के निजी नियंत्रण में रहती है, उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि उपलब्ध निधि का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पश्चिम बंगाल में विकास परियोजनाओं पर खर्च किया जाए.
सुप्रियो ने यह भी याद दिलाया कि अतीत में राजनीतिक मतभेदों के बावजूद उन्होंने जनता के जनादेश का सम्मान करते हुए राज्य सरकारों के साथ काम किया है. उनका कहना है कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है, लेकिन विकास कार्यों और जनता के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए.
उन्होंने सोशल मीडिया पर ओपन लेटर की तरह एक लंबा जवाब लिखकर पोस्ट किया है और आगे लिखा है कि, 'मुझे किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है. हर व्यक्ति को अपने फैसले लेने का अधिकार है, मैं उन लोगों का बचाव नहीं करूंगा जिन्होंने भ्रष्टाचार किया, जनता का पैसा लूटा और सिस्टम को नुकसान पहुंचाया. ऐसे लोगों की जगह जेल में है और उन्हें कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए. उम्मीद है कि सभी दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.
इंद्रजीत कुंडू