देश के अलग-अलग राज्यों में मानसून ने दस्तक दे दी है, तेज़ बारिश का दौर जारी है. ऐसे में, पश्चिम बंगाल के आसलसोल में बारिश के कारण दामोदर नदी उफान पर है. इसके चलते आसनसोल के बर्नपुर रिवरसाइड इलाके में दामोदर नदी पर बने तीन अस्थायी पुल नदी के तेज प्रवाह में बह गए. मंगलवार रात से राज्य में तेज बारिश हो रही है और बारिश के चलते मंगलवार से ही दामोदर नदी उफान पर है.
दामोदर नदी के उफान पर होने के कारण ये तीनों पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, इससे आसपास के निवासियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सबसे ज्यादा परेशानी पश्चिम बर्धमान और बांकुरा जिले के बीच आवागमन करने वाले लोगों को हुई है.
दामोदर नदी पर बने ये तीनों अस्थायी पुल पश्चिम बर्धमान और बांकुरा जिले के लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग थे, अब पुल के बहने के कारण यातायात के लिए लोगों के पास एकमात्र सहारा नाव का है. फिलहाल इश्वर दा फेरी घाट, केशरकुड़ी फेरी घाट और कुकराकुड़ी फेरी घाट से लोग नाव के सहारे दामोदर नदी पार रहे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान उन्हें इन परेशानियों का सामना करना पड़ता है और ऐसे में नाव ही उनका एकमात्र सहारा बनती है. मानसून के दौरान, इस मूसलाधार बारिश में पुल टूटने से लोगों को कई तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है. रोजमर्रा के काम, स्कूल-कॉलेज, दफ्तर के लिए आने-जाने वालों को दिक्कत हो रही हैं और नाव के सहारे उन्हें नदी पार कर लंबे रास्ते से जाना पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों की मानें तो उनका कहना है कि इस इलाके में लंबे समय से दामोदर नदी पर एक स्थाई पुल बनाने की मांग की जा रही है. पुल के टूटने से लोगों की दिनचर्या काफी प्रभावित हुई है. स्थानीय लोगों ने अस्थायी पुल के मलबे को हटाने का काम भी शुरू कर दिया है.
इन पुलों के बह जाने से पश्चिम बर्धमान और बांकुरा जिले के लोगों में आक्रोश है और ऐसे में फिर से उन्होंने अपनी स्थाई पुल की मांग को दोहराया है. उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थाई पुल के निर्माण की मांग की है जिससे हर साल बारिश में उन्हें इन दिक्कतों का सामना न करना पड़े.
अनिल गिरी