आसनसोल के बर्नपुर में सेल (इस्को स्टील प्लांट) की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए मंगलवार को भी बुलडोजर अभियान जारी रहा. प्रशासन और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आईएसपी प्रबंधन ने वार्ड नंबर 98 के रांगापाड़ा इलाके में तृणमूल कांग्रेस और माकपा के पार्टी कार्यालयों के साथ एक अवैध पार्किंग गेराज को ध्वस्त कर दिया.
पिछले 5 दिनों में यह सातवां तृणमूल कांग्रेस कार्यालय है, जिस पर बुलडोजर चला है. लगातार हो रही इस कार्रवाई से पूरे औद्योगिक क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.
मंगलवार की कार्रवाई में स्थानीय तृणमूल महिला पार्षद काहकशा रियाज का पार्टी कार्यालय भी तोड़ दिया गया. मौके पर आईएसपी के सुरक्षा कर्मियों के साथ वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. कार्रवाई के दौरान इलाके में कुछ देर तनाव का माहौल बना, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रही.
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पार्षद काहकशा रियाज ने बताया कि आईएसपी प्रबंधन की ओर से 3 दिन पहले ही कार्यालय खाली करने का नोटिस दिया गया था, जिसके बाद पार्टी कार्यालय से जरूरी सामान पहले ही हटा लिया गया था.
उन्होंने कहा कि अगर सेल अपनी जमीन पर विकास कार्य करना चाहता है, तो हम विकास के पक्ष में हैं. हम चाहते हैं कि जमीन खाली होने के बाद वहां स्थायी विकास कार्य हो ताकि भविष्य में दोबारा कोई कब्जा न कर सके.
वहीं, इसी अभियान में माकपा का स्थानीय पार्टी कार्यालय भी ढहा दिया गया. पूर्व माकपा पार्षद सुबोध सिंह ने कार्यालय को बचाने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई जारी रखी. पार्टी कार्यालय के पीछे सेल की जमीन पर बनाए गए एक रेसिडेंशियल पार्किंग गेराज को भी तोड़ दिया गया.
पार्किंग अवैध होने का दावा
आईएसपी प्रबंधन का दावा है कि यह पार्किंग पूरी तरह अवैध तरीके से बनाई गई थी. हालांकि, पूर्व पार्षद सुबोध सिंह ने इस दावे को खारिज किया है. उनका कहना है कि साल 2006 में फैक्ट्री की दीवार निर्माण के दौरान तत्कालीन कंपनी अधिकारियों की लिखित अनुमति और नोटशीट के आधार पर यह पार्किंग बनाई गई थी. उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्किंग निर्माण में इस्तेमाल कुछ लोहे के एंगल और अन्य सामग्री कंपनी की ओर से उपलब्ध कराई गई थी.
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सुबोध सिंह ने आरोप लगाया कि पार्किंग हटाने से पहले कोई स्पष्ट नोटिस नहीं दिया गया. हालांकि, मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने कहा कि सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पहले ही नोटिस जारी किया गया था. इसको लेकर कुछ देर बहस और तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन बाद में बुलडोजर चलाकर सभी अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया.
स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने मांग की है कि कब्जा मुक्त कराई गई इस बड़ी जमीन का इस्तेमाल सेल प्रबंधन जनहित और विकास कार्यों के लिए करे. फिलहाल, सेल का यह लगातार चल रहा बुलडोजर अभियान पूरे बर्नपुर और औद्योगिक क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.
अनिल गिरी