पश्चिम बंगाल: तुलसी की माला पहनने और तिलक लगाने पर छात्रा को TC देने का आरोप, थाने पहुंचा मामला

गले में तुलसी की माला और माथे पर चंदन का तिलक लगाकर छात्राएं स्कूल जाती थीं, जिस पर स्कूल की शिक्षिकाओं ने आपत्ति जताई. आरोप है कि इसके बाद छात्राओं को अपमानित किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया.

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 स्कूल में तुलसी की माला पहनने पर आपत्ति.(Photo:Screengrab) स्कूल में तुलसी की माला पहनने पर आपत्ति.(Photo:Screengrab)

सत्यजीत कुमार

  • पुरुलिया,
  • 08 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:07 PM IST

गले में तुलसी की माला और माथे पर चंदन का तिलक लगाकर स्कूल आने को लेकर कक्षा 11वीं की एक छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) देकर स्कूल से हटाने का आरोप पुरुलिया के पाड़ा गर्ल्स हाई स्कूल की प्रधान शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन पर लगा है. इस घटना को लेकर इलाके में काफी आक्रोश और चर्चा का माहौल है.

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आरोप है कि स्कूल की कक्षा 11वीं की छात्रा सुमना मांझी और अनुपमना बाउरी गले में तुलसी की माला और माथे पर चंदन का तिलक लगाकर स्कूल आती थीं, जिस पर शिक्षिकाओं ने आपत्ति जताई. इसके बाद भी जब छात्राएं उसी तरह स्कूल पहुंचीं तो प्रधान शिक्षिका समेत अन्य शिक्षिकाओं ने उन्हें अपमानित और मानसिक रूप से परेशान किया, ऐसा आरोप लगाया गया है.

मामला अभिभावकों तक पहुंचने के बाद स्कूल में बातचीत हुई और उस समय के लिए मामला शांत हो गया. लेकिन आरोप है कि कुछ दिनों बाद सुमना मांझी के अभिभावक को स्कूल बुलाकर टीसी लेकर किसी दूसरे स्कूल में दाखिला कराने का दबाव बनाया गया. छात्रा की मां बसंती मांझी ने जब इसके लिए सहमति नहीं दी तो बाद में वॉट्सएप के जरिए छात्रा के मोबाइल पर टीसी भेज दी गई, ऐसा परिवार का आरोप है.

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परिवार का दावा है कि इस घटना से मानसिक रूप से परेशान होकर छात्रा ने आत्महत्या करने की कोशिश भी की. इसके बाद छात्रा की मां बसंती मांझी ने प्रधान शिक्षिका और एक सह-शिक्षिका के खिलाफ पाड़ा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. वहीं दूसरी छात्रा अनुपमना बाउरी ने भी स्कूल प्रबंधन पर इसी तरह के आरोप लगाए हैं.

हालांकि, स्कूल की प्रधान शिक्षिका ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है. उनका कहना है कि तुलसी की माला या तिलक लगाने को लेकर स्कूल को कोई आपत्ति नहीं थी. स्कूल में अनुशासन बनाए रखने और सोशल मीडिया पर विद्यालय के खिलाफ कथित गलत प्रचार के कारण यह कदम उठाया गया है.

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