तृणमूल कांग्रेस (TMC) में चल रही बगावत थम नहीं रही है. पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है. बताया जा रहा है कि बीरभूम से ममता के भरोसेमंद सहयोगी और कद्दावर नेता अनुब्रत मंडल बागी खेमे में शामिल हो गए हैं. LoP ने अनुब्रत मंडल को बीरभूम जिले का अध्यक्ष नियुक्त किया है.
पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता (LoP) ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, 'हमने अलग-अलग जिलों के अध्यक्ष नियुक्त किए हैं. प्रसून बनर्जी को मालदा जिले का अध्यक्ष बनाया गया है, देवाशीष कुमार को दक्षिण कोलकाता जिले का, संदीपन साहा को उत्तर कोलकाता जिले का और अनुब्रत मंडल को बीरभूम जिले का अध्यक्ष बनाया गया है.'
वहीं, इस बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी को 15 जुलाई को बिधाननगर एसीजेएम कोर्ट में पेश होकर अपना वॉयस सैंपल देने का निर्देश दिया है.
इसके अलावा कोर्ट ने जांच में सहयोग नहीं करने के मुद्दे पर भी नाराजगी जताई. सुनवाई के दौरान जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि उन्होंने 21 मई को अभिषेक बनर्जी को किसी भी कठोर कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी थी, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि उन्हें जांच में सहयोग करना होगा.
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि आप निचली अदालत के आदेश के अनुसार वॉयस टेस्ट नहीं दे रहे और एक अदालत से दूसरी अदालत जाकर आदेश को चुनौती दे रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जांच में सहयोग क्यों नहीं किया जा रहा.
तपस सेनगुप्ता