यहां रहेंगे अवैध बांग्लादेशी, पश्चिम बंगाल का पहला होल्डिंग सेंटर खुला - VIDEO

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में राज्य का पहला होल्डिंग सेंटर शुरू किया गया है. इंग्लिश बाजार के चंदन पार्क स्थित इस केंद्र में रविवार को बांग्लादेशी नागरिक बताए गए 9 लोगों को हिरासत में रखा गया. इनमें तीन महिलाएं और छह नाबालिग शामिल हैं. पूरे परिसर में CCTV निगरानी और भारी पुलिस सुरक्षा तैनात की गई है.

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मालदा में बने बंगाल के पहले होल्डिंग सेंटर में कड़ी सुरक्षा के बीच 9 लोग हिरासत में (Photo: ITG) मालदा में बने बंगाल के पहले होल्डिंग सेंटर में कड़ी सुरक्षा के बीच 9 लोग हिरासत में (Photo: ITG)

अनुपम मिश्रा

  • कोलकाता, पश्चिम बंगाल,
  • 25 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:36 PM IST

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में राज्य का पहला होल्डिंग सेंटर खुल गया है. इंग्लिश बाजार के चंदन पार्क में बना यह सेंटर उन लोगों को बांग्लादेशियों के लिए बनाया गया है जो कि अवैध तरीके से भारत में रह रहे हैं. रविवार को इस सेंटर में नौ लोगों को लाया गया, जिनमें तीन महिलाएं और छह बच्चे शामिल हैं.

अवैध तरीके से रह रहे विदेशी नागरिकों को पकड़कर रखने के लिए एक खास जगह बनाई गई है, जिसे होल्डिंग सेंटर कहते हैं. यह सेंटर मालदा जिले के इंग्लिश बाजार शहर के चंदन पार्क इलाके में बनाया गया है. पूरे मालदा जिले में अभी यही एकमात्र ऐसा सेंटर है और राज्य में भी यह अपनी तरह का पहला सेंटर बताया जा रहा है.

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रविवार को जब यह सेंटर शुरू हुआ, तो सबसे पहले नौ लोगों को यहां लाकर रखा गया. इन नौ लोगों को बांग्लादेशी नागरिक माना जा रहा है. इनमें तीन महिलाएं हैं और छह बच्चे हैं जो अभी नाबालिग यानी 18 साल से कम उम्र के हैं.

ये सभी लोग मालदा जिले के गजोल पुलिस स्टेशन के पांडुआ इलाके से पकड़े गए थे. पकड़े जाने के बाद इन्हें इसी नए होल्डिंग सेंटर में भेज दिया गया.

यह भी पढ़ें: बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं को डिपोर्ट करने के लिए बनेंगे होल्डिंग सेंटर, शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला

इस सेंटर की सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया गया है. पूरे परिसर के चारों तरफ सुरक्षा का घेरा है और हर कोने पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं ताकि किसी भी हलचल पर नजर रखी जा सके.

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सेंटर को चलाने और सुरक्षित रखने के लिए एक पूरी टीम वहां तैनात है. इस टीम में 12 पुलिसकर्मी हैं, 3 सिविल डिफेंस के वॉलंटियर हैं, 3 आम नागरिक वॉलंटियर हैं और एक रसोइया भी है जो वहां रह रहे लोगों के लिए खाना बनाएगा.

इस पूरी कवायद को शुभेंदु सरकार की उस नई व्यवस्था के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके तहत अवैध घुसपैठ करने वाले और संदिग्ध विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों को अब एक तय जगह पर रखकर उनसे निपटा जाएगा.

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