पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय अपने सबसे बड़े आंतरिक संकट से गुजर रही है. पार्टी के वरिष्ठ सांसद और वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञ कल्याण बनर्जी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए खुद को अभिषेक बनर्जी के कानूनी मामले (केस) से पूरी तरह अलग कर लिया है. इसके साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी के सामने यह शर्त रख दी है कि अब उन्हें तय करना होगा कि पार्टी में अभिषेक बनर्जी रहेंगे या कल्याण बनर्जी.
कल्याण बनर्जी ने अपना दर्द और गुस्सा बयां करते हुए कहा कि वे अभिषेक बनर्जी से जुड़े तलाशी और समन के एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी मामले को कोर्ट में संभाल रहे थे. उन्होंने कोर्ट में घंटों इंतजार किया और केस की पूरी तैयारी की, लेकिन आधी रात को उन्हें अचानक सूचित किया गया कि उनकी जगह कोई दूसरा वकील इस केस में जिरह करेगा.
कल्याण बनर्जी ने इसे अपना घोर अपमान बताते हुए कहा, "यह बेहद अपमानजनक है. मुझे आधी रात को बताया जाता है कि वकील बदल दिया गया है. इससे साफ है कि मुझ पर कभी भरोसा ही नहीं किया गया. मुझे डस्टबिन की तरह ट्रीट मत कीजिए. अगर किसी और को केस करना था तो पहले बता देना चाहिए था. आधी रात को मुझे बताया गया कि अब मेरी जरूरत नहीं है. यह बेहद अपमानजनक है."
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अभिषेक बनर्जी पर सीधा और तीखा हमला
कल्याण बनर्जी ने सीधे तौर पर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर अहंकार का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "वह (अभिषेक) कौन हैं? वह बेहद अहंकारी व्यक्ति हैं. वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करना नहीं जानते और सभी के साथ कर्मचारियों जैसा व्यवहार करते हैं."
कल्याण ने दावा किया कि साल 2022 से ही अभिषेक ने उन पर कभी भरोसा नहीं किया और उनके इसी अड़ियल रवैये के कारण आज पूरी पार्टी बर्बाद हो गई है.
ममता बनर्जी के प्रति वफादारी, लेकिन आर-पार की लड़ाई
अभिषेक बनर्जी पर चौतरफा हमला करने के बावजूद कल्याण बनर्जी ने साफ किया कि वे ममता बनर्जी के प्रति पूरी तरह वफादार हैं. उन्होंने कहा, "मैं ममता दी के साथ हूं और उनके लिए ही लड़ रहा हूं, लेकिन अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है. ममता दी को अब हम दोनों में से किसी एक को चुनना होगा."
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अभिषेक बनर्जी को “अहंकारी” बताते हुए कहा कि पार्टी की मौजूदा स्थिति के लिए उन्हें जिम्मेदार माना जा रहा है. उन्होंने कहा, “आज पार्टी जिस संकट से गुजर रही है, उसके लिए हर कोई अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार बता रहा है. मैं बुरे वक्त में भी ममता बनर्जी के साथ खड़ा हूं, लेकिन अगर अभिषेक बनर्जी ऐसे ही सभी को अपना कर्मचारी समझते रहे, तो मेरे लिए पार्टी में बने रहना मुश्किल होगा.”
इंद्रजीत कुंडू