बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा में स्थित एक इंग्लिश मीडियम स्कूल, जिसका नाम (हार्नेट) है, वहां से भारी मात्रा में कैश और शराब की बोतल बरामद होने की खबर सामने आई है. आज रात स्कूल परिसर में एक सेमी-फर्निश्ड कमरा भी मिला है जो बिल्कुल बेडरूम जैसा दिखाई दे रहा है.
स्कूल के प्रिंसिपल ने बयान दिया है कि उन्हें स्कूल के भीतर रखे इस कैश और कंडोम के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी. इस घटना ने एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है और स्कूल परिसर के भीतर होने वाली गतिविधियों पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं.
बीजपुर थाने के पुलिसकर्मी स्कूल पहुंच चुके हैं और उन्होंने लॉकर से पैसे बरामद कर लिए हैं. स्कूल में कैश गिनने की मशीन भी मंगवाई गई है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि यह पैसा सिर्फ स्कूल का ही है या फिर इसे बाहर से यहां लाया गया था.
स्कूल के प्रिंसिपल बिकास चंद्र पाल का कहना है कि यह कैश छात्रों से लिया गया था क्योंकि नया सत्र अप्रैल महीने से शुरू होता है. अकाउंटेंट को हर दो-तीन दिनों में यह रकम बैंक में जमा कर देनी चाहिए थी. एक प्रिंसिपल के तौर पर, मुझे केवल शैक्षणिक विभाग का प्रभार दिया गया है. मुझे इस कैश के बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि इसे बैंक नहीं भेजा गया है. बेडरूम (स्टूडेंट सिक रूम) से जो भी अनुचित चीजें बरामद हुई हैं, वो मेरी कल्पना से परे हैं. मुझे इस बारे में कोई अंदाजा नहीं है. यह बिल्कुल सच है कि वहां से अनुचित चीजें बरामद हुई हैं, लेकिन मुझे इसकी पूरी डिटेल नहीं पता है.
बीजपुर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक सुदीप्त दास ने भी इस स्कूल का दौरा किया. उन्होंने कहा कि मैं मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका हूं. मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि एक शैक्षणिक संस्थान को इस तरह की स्थिति में बदला जा सकता है.'
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) पश्चिम बंगाल के लिए एक अभिशाप है. करोड़ों रुपये बरामद हो रहे हैं, बेडरूम मिल रहे हैं, मुझे शर्म आ रही है. मुझे लगता है कि यह भारी-भरकम रकम सिर्फ स्कूल की नहीं हो सकती, इस पैसे में पूर्व टीएमसी विधायक सुबोध अधिकारी का हिस्सा शामिल है जो कि पूरी तरह से ब्लैक मनी (काला धन) है.
आजतक एजुकेशन डेस्क