पश्चिम बंगाल सरकार में नगर विकास और महिला और बाल कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पॉल एक बार फिर चर्चा में हैं. हाल ही में रानीगंज के एक विजय जुलूस में उनके नृत्य को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ था. अब उन्होंने आसनसोल के रवींद्र भवन में आयोजित बंगला संस्कृति उत्सव के मंच पर रवींद्र संगीत गाकर अपने आलोचकों को जवाब दिया.
आसनसोल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अग्निमित्रा पाल ने रवींद्रनाथ ठाकुर का प्रसिद्ध गीत 'पुरानो शेई दिनेर कथा' गाया. कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मंत्री बनने का मतलब ये नहीं है कि कोई गाना या नाचना छोड़ दे.
अग्निमित्रा पॉल ने कहा, 'मंत्रियों को गाना नहीं गाना चाहिए? उस दिन हम नाच रहे थे तो कहा गया कि मंत्री नाच रहे हैं. तो क्या मंत्रियों को नाचना नहीं चाहिए? क्या एकदम गंभीर होकर खड़ा रहना चाहिए? बंगाली लड़की है, बचपन से नाच-गाना और रवींद्र संगीत हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है.'
'बंगाल की पारंपरिक संस्कृति को फिर से जिंदा...'
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की पारंपरिक संस्कृति को फिर से जिंदा करने की जरूरत है. उनके मुताबिक, 'हम डीजे के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल की जो सांस्कृतिक पहचान है, उसे वापस लाना है. जात्रा हो, क्लासिकल कार्यक्रम हों, जो पहले होते थे, वो सब फिर से होना चाहिए.'
अग्निमित्रा पॉल ने ये भी कहा कि आसनसोल उनका जन्मस्थान है और इसी वजह से उन्होंने इस मौके पर 'पुरानो शेई दिनेर कथा' गीत को चुना. इस दौरान पत्रकारों के अनुरोध पर उन्होंने गीत की कुछ पंक्तियां भी गाकर सुनाईं.
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क्या है विवाद?
बता दें कि कुछ दिन पहले रानीगंज के बांशरा इलाके में एक विजय जुलूस के दौरान अग्निमित्रा पॉल का नृत्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. इसे लेकर राजनीति भी शुरू हो गई थी. हालांकि मंत्री ने साफ कर दिया कि वो अपनी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक जुड़ाव को किसी पद की सीमाओं में बांधकर नहीं देखतीं.
अनिल गिरी