फर्जी आधार-वोटर और पासपोर्ट का जाल... बांग्लादेशी महिला को भारतीय बनाने की साजिश का पर्दाफाश

पश्चिम बर्दवान के सालानपुर थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज़ों से बांग्लादेशी महिला को भारतीय नागरिक बनाने की साज़िश का खुलासा हुआ है. पासपोर्ट सत्यापन में गड़बड़ी सामने आने पर पुलिस ने देंदुआ निवासी छोटन सेन को गिरफ्तार किया. जांच में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, आधार, वोटर और पैन कार्ड बनवाने की बात सामने आई है. पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी. (Photo: Anil Giri/ITG) पुलिस की गिरफ्त में आरोपी. (Photo: Anil Giri/ITG)

अनिल गिरी

  • पश्चिम बर्दवान ,
  • 11 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:45 PM IST

पश्चिम बर्दवान  जिले के सालानपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए एक बांग्लादेशी महिला को भारतीय नागरिक बनाने की सुनियोजित साज़िश रची गई. इस मामले में पुलिस ने सालानपुर के देंदुआ इलाके के रहने वाले छोटन सेन को गिरफ्तार किया है. पूरा मामला उस समय उजागर हुआ, जब पासपोर्ट सत्यापन के दौरान दस्तावेज़ों में गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं.

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पुलिस जांच में सामने आया कि ‘कोली’ नाम की बांग्लादेशी महिला को ‘मायना सेन’ के नाम से भारतीय नागरिक साबित करने की कोशिश की जा रही थी. इसके लिए पहले फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया गया, फिर उसी आधार पर आधार कार्ड, वोटर कार्ड और पैन कार्ड जैसे अहम दस्तावेज तैयार कराए गए. बाद में इन्हीं दस्तावेज़ों के सहारे पासपोर्ट के लिए आवेदन किया गया.

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सत्यापन में खुली पोल, पते पर नहीं मिली महिला

जब पुलिस पासपोर्ट आवेदन में दर्ज पते पर सत्यापन के लिए पहुंची, तो वहां मायना सेन मौजूद नहीं मिली. आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि जिन लोगों को महिला के माता-पिता बताया गया है, उनका उससे कोई पारिवारिक रिश्ता नहीं है. इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू की.

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जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी छोटन सेन ने अपने चाचा उत्पल सेन और चाची शुभंकारी सेन को महिला का माता-पिता दिखाकर दस्तावेज तैयार करवाए थे. पुलिस ने जब इस बारे में उत्पल सेन से पूछताछ की तो उन्होंने साफ कहा कि उनकी कोई बेटी नहीं है.

परिवार के दस्तावेज़ों के दुरुपयोग का आरोप

उत्पल सेन ने बताया कि उनके और परिवार के अन्य सदस्यों के आधार कार्ड व जरूरी दस्तावेज चोरी कर उनका गलत इस्तेमाल किया गया. उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी तब हुई, जब आसनसोल पुलिस कमिश्नर कार्यालय से नोटिस मिला. उन्होंने स्पष्ट किया कि उस महिला से उनका कोई संबंध नहीं है.

पुलिस पूछताछ में आरोपी छोटन सेन ने स्वीकार किया कि मायना सेन उसकी पत्नी नहीं है. उसने बताया कि वर्ष 2019 में उसकी मुलाकात कोली से हुई थी, जो बांग्लादेश की नागरिक है और अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी.

रेड लाइट एरिया और पासपोर्ट की जल्दबाज़ी

जांच में खुलासा हुआ कि महिला लंबे समय तक कुल्टी के रेड लाइट एरिया में फर्जी पहचान के साथ रह रही थी. पुलिस का मानना है कि पहचान उजागर होने के डर से वह बांग्लादेश लौटने की तैयारी में थी, इसी कारण जल्दबाज़ी में पासपोर्ट बनवाने की कोशिश की गई.

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पुलिस का कहना है कि यह पूरा मामला भारतीय नागरिकता हासिल करने के इरादे से रची गई साज़िश का हिस्सा है. इसमें बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन की भी आशंका है और दलालों की भूमिका की जांच की जा रही है.

कोर्ट में पेशी, तलाश जारी

आरोपी छोटन सेन के खिलाफ अवैध घुसपैठ में मदद, जालसाज़ी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज़ों के दुरुपयोग की धाराओं में केस दर्ज किया गया है. उसे आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

आरोपी के वकील अतुल दास ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि एफआईआर में मुख्य रूप से वोटर कार्ड की विसंगतियों का ज़िक्र है. फिलहाल पुलिस फरार मायना सेन उर्फ कोली की तलाश में जुटी है और यह भी जांच की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े का नेटवर्क कितना बड़ा है.

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