मेस्सी GOAT इंडिया टूर विवाद: पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास को हाईकोर्ट से झटका

लियोनेल मेस्सी के GOAT इंडिया टूर से जुड़े FIR मामले में तत्काल राहत न मिलने से बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दूसरी ओर, उनके भाई स्वरूप बिस्वास की गिरफ्तारी और न्यू अलीपुर स्थित सुरुचि संघ क्लब में मिले कथित सामान को लेकर उठे सवालों ने विवाद को और गहरा कर दिया है. अब दोनों मामलों पर सबकी नजरें टिकी हैं.

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अरूप बिस्वास पर GOAT इंडिया टूर के आयोजक सतद्रु दत्ता ने FIR दर्ज कराई थी (फाइल फोटो) अरूप बिस्वास पर GOAT इंडिया टूर के आयोजक सतद्रु दत्ता ने FIR दर्ज कराई थी (फाइल फोटो)

तपस सेनगुप्ता

  • कोलकाता,
  • 09 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:39 AM IST

पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास को कलकत्ता हाईकोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने उन्हें तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया. दरअसल, बिस्वास ने लियोनेल मेस्सी GOAT इंडिया टूर कार्यक्रम से संबंधित एक FIR के संबंध में गिरफ्तारी या किसी भी प्रकार की पुलिस की जबरदस्ती कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की थी. लेकिन कोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया.

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यह मामला जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की पीठ के सामने आया था. जिसने लंबित मामलों की भारी संख्या का हवाला देते हुए आपातकालीन सुनवाई से इनकार कर दिया. न्यायालय ने साफ किया कि याचिका पर सुनवाई औपचारिक रूप से दाखिल होने और सामान्य प्रक्रिया के तहत सूचीबद्ध होने के बाद ही की जाएगी.

तत्काल सुनवाई नहीं होने की वजह से बिस्वास संभावित पुलिस कार्रवाई से कोई अंतरिम राहत पाने में असमर्थ रहे.

क्या है GOAT इंडिया टूर कार्यक्रम विवाद

फुटबॉल स्टार Lionel Messi के GOAT इंडिया टूर का कोलकाता कार्यक्रम भारी अव्यवस्था के कारण विवादों में आ गया था. महंगे टिकट खरीदने वाले कई प्रशंसकों ने खराब व्यवस्थाओं और सुरक्षा चूक की शिकायत की. बाद में आयोजक सतद्रु दत्ता ने पूर्व खेल मंत्री Aroop Biswas पर हस्तक्षेप, टिकट हेराफेरी और दबाव बनाने के आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई. हालांकि बिस्वास ने सभी आरोपों से इनकार किया है और मामला अब जांच के दायरे में है.

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पूर्व मंत्री के भाई पहले ही गिरफ्तार

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पूर्व मंत्री और उनके परिवार को बंगाली फिल्म उद्योग की एक महिला मेकअप आर्टिस्ट द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े एक अलग मामले में उनके छोटे भाई स्वरूप बिस्वास की गिरफ्तारी के बाद बढ़ती जांच का सामना करना पड़ रहा है.

पुलिस ने गुरुवार को स्वरूप बिस्वास को गिरफ्तार कर लिया, जब महिला ने आरोप लगाया कि उसे लगभग दो साल से काम नहीं दिया जा रहा था और पेशेवर अवसरों के बदले पैसे मांगे जा रहे थे. उसकी शिकायत के मुताबिक, उसे धमकी दी गई थी कि अगर उसने बात नहीं मानी तो उसे भविष्य में कोई काम नहीं मिलेगा. उसने आगे आरोप लगाया कि जब वह बाद में काम की तलाश में स्वरूप बिस्वास के पास गई, तो उन्होंने उसके साथ छेड़छाड़ की.

न्यू अलीपुर इलाके में बवाल

इस गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को कोलकाता के न्यू अलीपुर इलाके में अशांति फैल गई, जहां कथित तौर पर नाराज निवासियों ने शहर के सबसे प्रमुख दुर्गा पूजा क्लबों में से एक और बिस्वास ब्रदर्स से लंबे समय से जुड़े संगठन सुरुचि संघ में जबरन प्रवेश किया.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि क्लब के बाहर भीड़ जमा हो गई थी, फिर उन्होंने ताले तोड़कर परिसर में प्रवेश किया. निवासियों ने दावा किया कि उन्हें एक कमरा मिला जिसमें किंग साइज बेड, एयर कंडीशनिंग और अन्य विलासितापूर्ण सुविधाएं मौजूद थीं, जिससे यह सवाल उठने लगे कि क्लब की सुविधाओं का उपयोग कैसे किया जा रहा था.

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प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें परिसर के अंदर सरकारी ब्रांड की बोतलों में बंद पीने के पानी के ढेर और साड़ियों के बंडल मिले, जो राहत सामग्री प्रतीत होते थे. उन्होंने इन वस्तुओं के स्रोत और क्लब के कामकाज की गहन जांच की मांग की.

बाद में तनाव आसपास की सड़कों पर फैल गया, जहां कथित तौर पर स्वरूप बिस्वास के एक सहयोगी का प्रदर्शनकारियों के एक समूह द्वारा पीछा किया गया और उस पर हमला किया गया, जिसके बाद उसने न्यू अलीपुर पुलिस स्टेशन के अंदर शरण ली.

न तो अरूप बिस्वास और न ही सुरुचि संघ के प्रतिनिधियों ने निवासियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया दी है.

इस विवाद ने बंगाली फिल्म उद्योग के कुछ वर्गों के भीतर बिस्वास ब्रदर्स द्वारा कथित रूप से डाले गए प्रभाव के संबंध में लंबे समय से चले आ रहे आरोपों को भी फिर से हवा दे दी है.

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