'कहते थे गुरु दीक्षा लो, अविमुक्तेश्वरानंद के सामने पेश करते और फिर गंदा काम...', आजतक पर बटुकों का खुलासा  

प्रयागराज में शंकराचार्य विवाद को लेकर दो बटुकों ने आजतक को दिए इंटरव्यू में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और अन्य पर गंभीर दुराचार के आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि उन्हें कथित रूप से प्रताड़ित किया गया और धमकियां भी मिलीं. मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज है और जांच जारी है.

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आजतक पर बटुकों का खुलासा  (photo: itg) आजतक पर बटुकों का खुलासा (photo: itg)

आशीष श्रीवास्तव

  • प्रयागराज,
  • 26 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:25 AM IST

उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र में एडीजे पॉक्सो कोर्ट के निर्देश पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के बटुकों के विरुद्ध यौन शोषण के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है. वादी आशुतोष ब्रह्मचारी ने 25 फरवरी 2026 के आसपास जारी अपने बयान में दावा किया कि उनके पास ऐसे ठोस साक्ष्य हैं, जिनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई संभव है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने इसे ‘धार्मिक संघर्ष’ की संज्ञा देते हुए मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है. इस बीच पीड़ित बटुकों ने आजतक पर अपनी बात रखी है.

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गुरु दीक्षा के नाम पर प्रताड़ना

 सामने आए दो बटुकों ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदनंद प्रकाश उपाध्याय समेत अन्य पर गंभीर आरोप लगाए. उनका दावा है कि उन्हें गुरु दीक्षा के नाम पर कथित रूप से प्रताड़ित किया जाता था और आपत्तिजनक हरकतें की जाती थीं.

'राजस्थान और बिहार से लाते थे बच्चों को'

इंटरव्यू में बटुकों ने दावा किया कि उन्हें पहले दूसरों के सामने प्रस्तुत किया जाता था और फिर कथित तौर पर अनुचित कृत्य किए जाते थे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाहर से, खासकर राजस्थान और बिहार से, बच्चों को लाया जाता था. उनके अनुसार करीब 20 अन्य बटुक भी ऐसे हैं, जो कथित रूप से प्रताड़ना का शिकार हुए, लेकिन सामने आने से डर रहे हैं और फंसे भी हुए हैं. 

'प्रभावशाली और सफेदपोश लोग आते थे'

कुछ आरोपियों के नाम लेते हुए बटुकों ने कहा कि मठ परिसर में कई बाहरी लोग भी आते-जाते थे, जिनमें कथित रूप से प्रभावशाली और सफेदपोश लोग शामिल थे. हालांकि उन्होंने किसी का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं बताया, लेकिन पहचानने का दावा किया. बटुकों का कहना है कि विरोध करने पर उन्हें चुप रहने की धमकी दी जाती थी. इसके अलावा उन्होंने बताया कि एक कमरा है जहां पर कुछ सखियां स्वीमिंग पूल में नहलाती हैं.

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'मठ से निकलकर भागे तो किया खुलासा'

उन्होंने यह भी दावा किया कि वे मठ से निकलकर दूसरे धार्मिक नेता के पास पहुंचे और सब बताया. उनका आरोप है कि उन्हें अब भी धमकियां मिल रही हैं और कई बच्चे अब भी वहां फंसे हुए हैं.

गौरतलब है कि इस पूरे विवाद में पहले ही प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और मामला न्यायालय के संज्ञान में है. संबंधित पक्षों की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है. पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल में जुटी हैं. जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सच्चाई सामने आ सकेगी.

'शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज खुद पुलिस के साथ...'  

इधर, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वाराणसी में चल रहे प्रकरण को लेकर पुलिस जांच और लगाए गए आरोपों पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि जिस मामले की जांच हो रही है, उसमें शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज खुद पुलिस के साथ मौजूद हैं. उनके मुताबिक यह समझ से परे है कि शिकायतकर्ता को साथ रखकर किस तरह की जांच की जा रही है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, 'शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज खुद पुलिस के साथ मौजूद हैं, फिर निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है.'

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