सुल्तानपुर: दो सगे भाइयों को गोली मारने वाले हिस्ट्रीशीटर दीपक सोनकर का एनकाउंटर, पुलिस के सामने निकल गई हेकड़ी

सुल्तानपुर के जनऊपुर गांव में मामूली विवाद के बाद हुई ताबड़तोड़ फायरिंग ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं. पुलिस ने मुख्य आरोपी और हिस्ट्रीशीटर दीपक सोनकर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. इस खूनी खेल में एक भाई की मौत हो गई, जबकि दूसरा जिंदगी की जंग लड़ रहा है.

Advertisement
हिस्ट्रीशीटर दीपक सोनकर का एनकाउंटर (Photo- Screengrab) हिस्ट्रीशीटर दीपक सोनकर का एनकाउंटर (Photo- Screengrab)

नितिन श्रीवास्तव

  • सुल्तानपुर ,
  • 06 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:09 AM IST

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के कोतवाली देहात स्थित जनऊपुर गांव में 5 मार्च को पुरानी रंजिश और विवाद में दबंगों ने एक होमगार्ड के परिवार पर हमला कर दिया. मुख्य आरोपी दीपक सोनकर ने साथियों के साथ मिलकर ताबड़तोड़ पांच राउंड फायरिंग की, जिसमें मोहित सोनकर की मौत हो गई और उसका भाई मंगल गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार देर रात आरोपी दीपक को 'धोपाप' के पास से घेराबंदी कर पकड़ा. बरामदगी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी. वर्तमान में आरोपी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है.

Advertisement

सुबह का विवाद और शाम को खूनी तांडव

घटना की शुरुआत गुरुवार सुबह हुई थी जब होमगार्ड वीरेंद्र प्रताप सोनकर के बेटे मोहित का गांव के ही रमेश सोनकर के बेटे से विवाद हुआ. उस वक्त मामला शांत हो गया था, लेकिन शाम होते ही रमेश अपने बेटों, घर की महिलाओं और असलहों के साथ वीरेंद्र के घर धमक पड़ा. विवाद बढ़ता देख मां शारदा ने बेटों को बचाने के लिए कमरे में बंद कर दिया था. लेकिन जब बहू को पीटा गया, तो बेटे बाहर निकले और विपक्षियों ने उन पर गोलियां बरसा दीं.

हिस्ट्रीशीटर है मुख्य आरोपी दीपक

अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह के मुताबिक, गिरफ्तार दीपक सोनकर कोई साधारण अपराधी नहीं है. वह थाना लम्भुआ का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पहले से ही 10 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं. पुलिस की पूछताछ में उसने बताया था कि हत्या में इस्तेमाल पिस्टल उसने खेत में छिपा दी है. जब पुलिस उसे हथियार बरामद कराने ले गई, तो उसने झोपड़ी के पीछे से पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर ही गोली चला दी. आत्मरक्षा में पुलिस ने गोली चलाई जो उसके पैर में लगी.

Advertisement

गांजा तस्करी और दबंगई का आरोप

मृतक के पिता वीरेंद्र और मां शारदा का आरोप है कि आरोपी रमेश का बेटा भोलू गांव में गांजा बेचने का काम करता है और अपनी दबंगई के दम पर लोगों को डराता है. इस हमले में न सिर्फ दोनों बेटों को गोली लगी, बल्कि पिता वीरेंद्र और मां शारदा समेत परिवार के तीन अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं.  

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »