राम मंदिर में हुए वो 4 इवेंट कौन-कौन से हैं, जिनके हिसाब-किताब की SIT कर रही जांच?

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चंदा चोरी की जांच में जुटी एसआईटी ने पिछले दो साल में श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा अयोजित किए गए कार्यक्रम पर खर्च किए गए 124 करोड़ रुपये का हिसाब-किताब में जुट गई है. आइए जानते हैं कि राम मंदिर ने कौन-कौन से कार्यक्रम कराए थे, जिनकी जांच हो रही है?

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राम मंदिर के कार्यक्रम के खर्च की जांच में जुटी एसआईटी (Photo-ITG) राम मंदिर के कार्यक्रम के खर्च की जांच में जुटी एसआईटी (Photo-ITG)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 07 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:21 PM IST

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चंदा और चढ़ावा चोरी के मामले में हर रोज एक नया खुलासा हो रहा है. मामले की जांच में जुटी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम  (एसआईटी) ने अपने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा दो सालों में कराए गए चार बड़े कार्यक्रमों पर हुए खर्चों के जांच में एसआईटी जुट गई है. ऐसे में आखिर वो कौन-कौन कार्यक्रम थे,जिनका हिसाब-किताब की पड़ताल एसआईटी कर रही है.

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सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनने के बाद सबसे पहले जनवरी 2024 में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम हुआ. इसके बाद  श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तीन और बड़े कार्यक्रम अयोध्या में आयोजित किए थे. इस तरह दो साल में हुए चार कार्यक्रम पर 124 करोड़ रुपये से अधिक की रकम खर्च की गई, जिसकी जांच एसआईटी कर रही है. 

सूत्रों के मुताबिक एसआईटी पिछले दो सालों के फाइनेंशियल रिकॉर्ड का ऑडिट कर रही है. ऑडिट रिपोर्ट, पेमेंट वाउचर, बिल, चार्टर्ड अकाउंटेंट के रिकॉर्ड और खर्च के ब्योरे की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फंड का इस्तेमाल ट्रस्ट द्वारा बनाई गई फाइनेंशियल प्रक्रियाओं और मंजूरी के हिसाब से किया गया था या नहीं. आइए जानते हैं और किन कार्यक्रमों पर करोड़ लुटाए गए और किस किस पर खर्चा हुआ.

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प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पर 113 करोड़ रुपये खर्च
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा आयोजित इवेंट में सबसे ज्यादा रुपये अगर किसी कार्यक्रम पर खर्च हुए तो वो जनवरी 2024 में हुई प्राण प्रतिष्ठा था.  22 जनवरी 2024 को राम लला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पर 113 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत करीब 8,000 मेहमान शामिल हुए थे.जांचकर्ताओं को मिले ऑडिट रिकॉर्ड के अनुसार जाने किस पर कितना खर्च हुआ.

एसआईटी के जांचकर्ताओं द्वारा प्राप्त ऑडिट रिकॉर्ड के अनुसार, ट्रस्ट ने शेड और टेंट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर पर 35.97 करोड़ रुपये खर्च हुए. अक्षत पूजन अभियान पर 30.85 करोड़ रुपये तो प्रचार और विज्ञापनों पर 21.77 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के लिए सजावट और लाइटिंग पर 14.62 करोड़ रुपये खर्च किए थे.

प्राण प्रतिष्ठा में आए मेहमानों के खाने-पीने पर 5.11 करोड़ रुपये खर्च किए, धार्मिक अनुष्ठानों पर 1.06 करोड़ रुपये, भक्ति संगीत (राग सेवा) पर 93 लाख रुपये, साउंड सिस्टम पर 68 लाख, बिजली और मंडल पूजन पर 43-43 लाख रुपये,और विविध तैयारियों पर 51 लाख रुपये खर्च हुए. 

 प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह पर 83 लाख खर्च
राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के एक साल पूरे होने पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में भव्य कार्यक्रम रखा था. यह कार्यक्रम 11 जनवरी से 13 जनवरी 2025 को हुआ था. सआईटी 11 से 13 जनवरी 2025 तक हुए प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह पर हुए खर्च की भी जांच कर रही है. इस दौरान ट्रस्ट ने कार्यक्रम पर 83 लाख रुपये खर्च किए थे, जिसमें से अकेले लाइटिंग और सजावट पर 52 लाख रुपये खर्च किए गए थे. 

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महाकुंभ के दौरान अयोध्या में 43 लाख खर्च हुए
साल 2025 में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन किया गया था. महाकुंभ के दौरान अयोध्या में भी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कार्यक्रम रखा था, जिसमें रामलला के दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और संतों के लिए व्यवस्था की गई थी. महाकुंभ के दौरान भक्तों के लिए की गई व्यवस्थाओं पर श्रीराम मंदिर ट्रस्ट ने करीब 43 लाख रुपये खर्च किए थे.चंदा चोरी की जांच कर रही एसआईटी ने साल 2025 में महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं के इंतजाम पर खर्च किए गए 43 लाख रुपये के हिसाब-किताब की पड़ताल कर रही है कि कितना पैसा किस क्षेत्र के लिए खर्च किया गया.

राम मंदिर के ध्वजारोहण पर 10 करोड़ हए खर्च
अयोध्या में भगवान रामलला के मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद ध्वजारोहण का कार्यक्रम रखा गया था. नवंबर 2025 में राम मंदिर के ध्वजारोहण  कार्यक्रम रखा गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत किया था.  श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ध्वजारोहण कार्यक्रम पर 10.12 करोड़ रुपये करीब खर्च किए थे. अब एसआईटी ने इस कार्यक्रम में खर्च किए गए हिसाब-किताब की जांच कर रही है कि क्या धन का उपयोग ट्रस्ट की निर्धारित वित्तीय प्रक्रियाओं और स्वीकृतियों के अनुसार किया गया है या नहीं. 
 

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