दिल्ली के कारोबारी मुस्लिम त्यागी और उनके परिवार के पांच सदस्यों की हत्या के मामले में तिहार जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी वाजिद ने मेरठ स्थित अपने पैतृक गांव समोली में कड़े पुलिस पहरे के बीच निकाह किया. कोर्ट से सीमित अवधि के लिए पैरोल और विशेष अनुमति मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम वाजिद को लेकर मेरठ पहुंची थी. निकाह की रस्में पूरी होने के बाद पुलिस टीम उसे वापस देश की राजधानी ले गई. इस अनोखी शादी को देखने के लिए आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
थाने में कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पहुंचा गांव
अधिकारियों ने मंगलवार को न्यूज एजेंसी को बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम सोमवार सुबह वाजिद को लेकर सबसे पहले मेरठ के दौराला थाने पहुंची. वहां वाजिद की मौजूदगी दर्ज कराने और सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही उसे उसके पैतृक गांव समोली ले जाया गया. वाजिद का निकाह मेरठ के ही पावती अफजलपुर की रहने वाली यासमीन के साथ बेहद चुनिंदा मेहमानों की मौजूदगी में संपन्न कराया गया.
भारी पुलिस बल की तैनाती में चुनिंदा मेहमानों के बीच निकाह
दौराला के क्षेत्राधिकारी (सीओ) प्रकाशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि निकाह समारोह के दौरान रिश्तेदारों और कुछ बेहद खास मेहमानों को ही शामिल होने की अनुमति दी गई थी. सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखने के लिए दिल्ली पुलिस की टीम के साथ स्थानीय पुलिसकर्मी भी लगातार तैनात रहे. इस दौरान गांव और आसपास के इलाकों के लोगों में शादी को लेकर काफी उत्सुकता देखी गई.
10 साल पुराने हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में काट रहा उम्रकैद
वाजिद पिछले करीब एक दशक से जेल में बंद है. यह पूरा मामला दिल्ली के प्रतिष्ठित व्यवसायी मुस्लिम त्यागी और उनके परिवार के पांच सदस्यों की हाई-प्रोफाइल हत्या से जुड़ा है. करीब 10 साल पहले इस वारदात को अंजाम देकर शवों को अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया गया था, जिसने देश भर का ध्यान खींचा था. पुलिस ने जांच के दौरान वाजिद सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी.
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