कानपुर में एक आपराधिक गैंग के सदस्य को पुलिस पर फायरिंग करना भारी पड़ गया. मंगलवार रात पुलिस उसे एक सूचना के आधार पर पकड़ने पहुंची थी. पुलिस को देखते ही वह अपनी बुलेट मोटरसाइकिल नाले में छोड़कर भागने लगा. भागते समय उसने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की, लेकिन कुछ देर बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया.
बुधवार को पुलिस ने आरोपी का उसके ही इलाके में करीब दो किलोमीटर तक पैदल जुलूस निकाला. इस दौरान उसे बाजार में लोगों के सामने हाथ जोड़कर माफी मंगवाई गई. आरोपी बार-बार कहता रहा, "गलती हो गई है, अब ऐसा नहीं होगा. मैं इसी इलाके में रहता हूं."
जानकारी के मुताबिक, चकेरी थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर गौरव जैन का साथी यश राजपूत मंगलवार रात बुलेट से जा रहा था. पुलिस को कई मामलों में उसकी तलाश थी. पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ने की कोशिश की तो उसने बुलेट नाले में फेंक दी और भागने लगा. पीछा करने पर उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी. इसके बाद पुलिस ने देर रात तक उसकी तलाश जारी रखी और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया.
बताया जा रहा है कि चकेरी के गाजीपुर क्षेत्र में यश राजपूत का काफी आतंक था. इसी वजह से पुलिस ने उसे हथकड़ी पहनाकर उसके ही इलाके में पैदल घुमाया, ताकि लोगों में उसका खौफ खत्म हो सके.
जुलूस के दौरान जब पुलिस ने उससे पूछा कि उसने क्या किया था, तो उसने कहा, "मैंने पुलिस पर फायरिंग की थी. गलती हो गई, अब दोबारा ऐसा नहीं होगा. मैं गाजीखेड़ा में रहता हूं."
इस मामले में एसीपी आशुतोष सिंह ने बताया कि यश राजपूत चकेरी क्षेत्र का सक्रिय अपराधी है और हिस्ट्रीशीटर गौरव जैन का साथी है. पुलिस जब उसे पकड़ने गई थी, तब उसने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग की. गिरफ्तारी के बाद उसका जुलूस निकाला गया, ताकि इलाके में उसके नाम का खौफ खत्म हो और लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़े.
रंजय सिंह