यूपी के कानपुर में 31 मई की रात कोचिंग संचालक प्रकाश चंद्र गुप्ता की हत्या कर दी गई. पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी, इसी बीच जांच के दौरान सीसीटीवी में बुर्का पहनकर जाती एक महिला की चाल पर पुलिस को शक हुआ. इसके बाद पुलिस ने नए सिरे से जांच शुरू की तो जो सामने आया, वो हैरान कर देने वाला था.
पुलिस का कहना है कि मृतक का दोस्त ही हत्या का आरोपी निकला. इन दोनों की दोस्ती 18 साल से थी. आरोपी खुद भी कोचिंग संचालक रह चुका है. उसने अपने दोस्त के गले में करीब 5 लाख की सोने की चेन देख ली थी, जिसको लेकर उसने वारदात को अंजाम दिया.
दरअसल, 31 मई को आईपीएल का फाइनल था. प्रकाश चंद्र गुप्ता क्रिकेट के शौकीन थे. वे कंप्यूटर कोचिंग चलाते थे. उन्होंने घर में कॉल कर दिया कि आज मैं घर नहीं आऊंगा, मैच देखकर कोचिंग में ही सो जाऊंगा. उनकी शादी नहीं हुई थी. जब सुबह हुई तो घरवालों ने कॉल किया तो कॉल रिसीव नहीं हुआ.
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इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे तो देखा कमरे में प्रकाश चंद्र का शव पड़ा था. सिर के पास से खून बह रहा था. उनके गले की चेन और ब्रेसलेट गायब था. यह सब देखकर परिजनों के होश उड़ गए. आनन-फानन में सूचना पुलिस को दी गई.
जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जायजा लिया. पुलिस को पहले लगा कि शायद प्रकाश चंद्र को ब्लड प्रेशर की समस्या थी, हो सकता है कि वे मैच देखते समय गिर गए हों और इसी से चोट लगी हो. कोचिंग में कोई नहीं था, इससे उनकी मौत हो गई हो, लेकिन शव के पास से ब्रेसलेट और चेन गायब थी, परिजनों ने जब इसकी जानकारी पुलिस को दी तो पुलिस ने जांच शुरू की.
पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी खंगालने शुरू किए. कोचिंग के बाहर के सीसीटीवी देखे, लेकिन वहां कोई भी क्लू नहीं मिला. एक व्यक्ति पर परिजनों शक जताया तो पुलिस उससे पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं हाथ लगा.
इसके बाद पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल खुद सीसीटीवी चेक करने पहुंचे. पुलिस कमिश्नर को एक सीसीटीवी में घर के पास से बुर्का पहनकर जाती एक महिला दिखी. पुलिस ने उसको पहले भी देखा था, लेकिन पुलिस कमिश्नर का कहना है कि उन्हें उस महिला पर शक हुआ कि उसकी चाल महिलाओं जैसी नहीं लग रही थी.
इसके बाद उसके आने जाने का पूरा सीसीटीवी फॉलो किया गया. पुलिस 100 कैमरे खंगाल डाले और फाइनली सुराग मिल गया. बुर्का में दिखी महिला एक कार से निकलकर आई थी. कार पहले एक युवक चला रहा था, लेकिन जो उससे बाहर निकला, वो बुर्के में था. पुलिस ने उसकी पहचान कराई तो पता चला कि वह मृतक प्रकाश चंद्र का दोस्त मोहित द्विवेदी था.
इसके बाद पुलिस ने मोहित द्विवेदी को पकड़कर पूछताछ की तो उसने पूरी हकीकत बयां कर दी. मोहित ने पुलिस को बताया कि उसने यूट्यूब देखकर इस हत्या की प्लानिंग की थी. अपने बचने का पूरा इंतजाम किया था.
वारदात को लेकर पुलिस कमिश्नर ने क्या बताया?
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल का कहना है कि खजुराहो में प्रकाश चंद्र के साथ मोहित घूमने गया था. वहां प्रकाश ने अपने गले में पहनी हुई 5 लाख की चेन मोहित को दिखाई थी. इधर मोहित की कोचिंग भी बंद हो गई थी. उसे पैसों की जरूरत थी तो उसकी नजर प्रकाश की चेन पर थी. मैच के फाइनल वाले दिन उसने हत्या की साजिश रची. वह पहले एक बुर्का खरीदकर लाया और चप्पल भी खरीदी. इसके बाद वह अपनी कार में सवार हुआ और मौके पर पहुंचा. कार में बुर्का चेंज किया और हत्या करने पहुंच गया.
पुलिस कमिश्नर का कहना है कि मोहित को लग रहा था कि वह पकड़ा नहीं जाएगा, इसलिए दूसरे दिन वह खुद परिवार वालों के साथ मौके पर पुलिस से बातचीत कर रहा था. इसके बाद वह अपनी टीचर की प्रतियोगी परीक्षा देने गया था. दूसरे दिन अपनी महिला मित्र को परीक्षा दिलाने लखनऊ ले गया था, लेकिन पुलिस जांच में सुराग मिल ही गया.
हत्या के आरोपी मोहित ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि मैं बुर्का पहनकर प्रकाश की चेन छीन रहा था, तभी छीना-झपटी में वह फर्श पर गिर गया. वह नशे में ज्यादा था तो मैंने उसको खींचकर अंदर किया. इसके बाद चेन और ब्रेसलेट लेकर चला आया. मोहित के पकड़े जाने पर प्रकाश के परिजन भी हैरान हैं. प्रकाश के भाई विकास का कहना है कि हमें उम्मीद नहीं थी कि वह ऐसा करेगा. उससे 18 साल की दोस्ती थी. मेरा एक ही भाई था, किस पर विश्वास करें.
रंजय सिंह