सूत्रों के अनुसार सिट ने ट्रस्ट से अब तक हुए सभी ऑडिट का पूरा लेखा जोखा मांगा है. कुछ जरूरी विवरण अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं. जब ये विवरण मिलेंगे तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि ट्रस्ट में कहाँ और किस प्रकार की गड़बड़ी हुई है. इस कदम से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और दोषी व्यक्तियों की पहचान आसान होगी.