अपार्टमेंट में कॉल सेंटर और 16 'सुंदर' लड़कियां, शादी का सपना दिखाकर करोड़ों ठगने वाले गैंग का भंडाफोड़

कानपुर में पुलिस ने फर्जी मैट्रीमोनियल वेबसाइट के जरिए साइबर ठगी करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. एआई से तैयार लड़कियों की तस्वीरें दिखाकर कॉल सेंटर की युवतियां खुद को दुल्हन बताती थीं और रजिस्ट्रेशन व मुलाकात के नाम पर लाखों रुपये ऐंठती थीं. तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं.

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मैच मेकिंग के नाम पर साइबर ठगी (Photo: itg) मैच मेकिंग के नाम पर साइबर ठगी (Photo: itg)

सिमर चावला

  • कानपुर,
  • 08 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:53 AM IST

कानपुर पुलिस ने मैट्रीमोनियल वेबसाइट के नाम पर चल रहे एक बड़े ठगी के नेटवर्क का खुलासा किया है. कल्याणपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में ऐसे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश हुआ, जहां शादी का झांसा देकर देशभर के लोगों से लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी की जा रही थी.

पुलिस के अनुसार, आरोपी नकली मैट्रीमोनियल प्लेटफॉर्म तैयार कर लोगों से संपर्क करते थे. वेबसाइट पर एआई की मदद से बनाई गई खूबसूरत लड़कियों की तस्वीरें लगाकर शादी के इच्छुक लोगों को आकर्षित किया जाता था. इसके बाद कॉल सेंटर में बैठी युवतियां खुद को संभावित दुल्हन बताकर पीड़ितों से बातचीत शुरू करती थीं और धीरे-धीरे उनका विश्वास हासिल कर पैसे ऐंठ लेती थीं.

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जांच में सामने आया कि जिन लड़कियों से लोग शादी की उम्मीद लगाए बातचीत कर रहे थे, वह कोई वास्तविक रिश्ता नहीं बल्कि कॉल सेंटर का पूरा सेटअप था. कर्मचारी भावनात्मक बातचीत के जरिए लोगों को भरोसे में लेती थीं और रजिस्ट्रेशन, प्रोफाइल एक्टिवेशन, बातचीत या मुलाकात कराने के नाम पर अलग-अलग रकम वसूलती थीं.

पुलिस छापे में फर्जी नेटवर्क का खुलासा 

पुलिस को सूचना मिली थी कि कल्याणपुर क्षेत्र के आवास विकास इलाके में एक संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि संचालित हो रही है. इसके बाद साइबर सेल और कल्याणपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अपार्टमेंट में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा.

डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि मौके पर ऑनलाइन मैच पॉइंट नाम से मैट्रीमोनियल कॉल सेंटर संचालित मिला, जहां से कई राज्यों के लोगों को कॉल की जा रही थी. पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी अनुराधा त्रिवेदी, विक्रम खूटे और प्रियंका को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा कॉल सेंटर में काम करने वाली करीब 15 युवतियों से पूछताछ की गई.

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हर दिन सैकड़ों लोगों से करते थे संपर्क 

पुलिस जांच में पता चला कि कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियों को रोजाना शादी के इच्छुक 100 से 150 लोगों के नंबर दिए जाते थे. बातचीत के दौरान उनकी पसंद, उम्र, जरूरत और शादी से जुड़ी जानकारी जुटाई जाती थी. इसके बाद उनकी पसंद के अनुसार एआई से तैयार की गई लड़कियों की तस्वीरें भेजी जाती थीं. जब सामने वाला व्यक्ति भरोसे में आ जाता था तो उससे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रीमियम सर्विस और मिलने की व्यवस्था के नाम पर रकम मांगी जाती थी. पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने करीब डेढ़ साल से यह नेटवर्क चला रखा था. शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी 10 से 15 हजार से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं और ठगी की रकम करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है.

 बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच जारी 

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस अब उनके बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड और ऑनलाइन लेनदेन की जांच कर रही है. जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह ने कुल कितनी रकम की ठगी की और इसमें कितने लोग शामिल हैं. पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है.

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