अब 3 घंटे नहीं, सिर्फ 40 मिनट में पहुंचेंगे कानपुर से लखनऊ; आज खुलेगा ₹4200 करोड़ का नया एक्सप्रेसवे

आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और सीएम योगी आदित्यनाथ ₹4200 करोड़ की लागत से बने 63 किमी लंबे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE 6) का उद्घाटन करेंगे.इसके चालू होने से दोनों शहरों के बीच का सफर 3 घंटे से घटकर मात्र 40 मिनट रह जाएगा. इस मार्ग पर अधिकतम गति सीमा 120 किमी/घंटा तय की गई है.

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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से सफर होगा आसान (Photo: ANI) लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से सफर होगा आसान (Photo: ANI)

सूरज सिंह

  • लखनऊ ,
  • 13 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:38 AM IST

उत्तर प्रदेश के दो बड़े महानगरों के बीच सफर को आसान बनाने के लिए आज 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने 63 किलोमीटर लंबे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होने जा रहा है. इससे दोनों शहरों की दूरी महज 40 मिनट में तय हो सकेगी.

आपको बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज उन्नाव के नेवरना पड़रिखुर्द से 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने 63 किलोमीटर लंबे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्मित इस नए एक्सप्रेसवे के चालू होने से दोनों महानगरों के बीच का सफर 3 घंटे की जगह सिर्फ 40 मिनट में तय हो सकेगा. उद्घाटन के बाद तीनों नेता खुद कार द्वारा उन्नाव से लखनऊ के सरोजनी नगर तक ट्रायल टेस्ट के लिए सफर करेंगे, जिसके तुरंत बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा.

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120 की रफ्तार और हाईटेक कैमरों से निगरानी

इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है. मार्ग पर सिर्फ कार, वैन और अन्य चारपहिया वाहनों को ही चलने की अनुमति होगी, जबकि दोपहिया वाहन इस पर नहीं चल सकेंगे. 

सुरक्षा के लिए 63 हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो 500 मीटर तक स्पष्ट निगरानी कर सकते हैं. इनमें से 21 कैमरे इंटरचेंज पर वाहनों की गतिविधियों को देखेंगे. नियम उल्लंघन पर ऑनलाइन चालान होगा और बिना रुके गाड़ियों की नंबर प्लेट डिटेक्ट कर टोल टैक्स लिया जाएगा.

कंट्रोल रूम और शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर

एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे निगरानी के लिए 27वें और 35वें किलोमीटर पर दो आधुनिक कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जहां से ट्रैफिक प्रबंधन और आपातकालीन सेवाएं संचालित होंगी. इसके साथ ही विभिन्न स्थानों से प्रवेश और निकास के लिए 6 इंटरचेंज दिए गए हैं. पूरे मार्ग में यात्रा को सुगम बनाने के लिए 38 अंडरपास, छह फ्लाईओवर, तीन बड़े पुल और 28 छोटे पुलों का निर्माण किया गया है.

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डिफेंस कॉरिडोर को मिलेगा बढ़ावा

डिफेंस कॉरिडोर के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होने से यह एक्सप्रेसवे क्षेत्र में रक्षा उद्योग के विकास को नई रफ्तार देगा. इस नवनिर्मित मार्ग को कानपुर लखनऊ एक्सप्रेसवे एनइ 6, अवध एक्सप्रेसवे और डिफेंस कॉरिडोर एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाएगा.

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