उत्तर प्रदेश के झांसी से एक बेहद हैरान और शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शांति और भक्ति का केंद्र माना जाने वाला मंदिर परिसर अचानक कुश्ती के अखाड़े में तब्दील हो गया. थाना शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध श्री झरना पति धाम मंदिर में पुजारी की पत्नी ने ट्रस्ट की महिला अध्यक्ष और भाजपा नेत्री को जमकर लात-घूंसे, थप्पड़ जड़े और 'पटक-पटक' कर पीटा . इस दौरान पीड़ित अपना बचाव करती हुई नजर आई, लेकिन आरोपी महिला उस पर हावी हुई और उसे जमीन पर पटक कर पीटने लगी, मंदिर के गर्भगृह और मुख्य परिसर में हुई इस हिंसक झड़प का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला दूसरी को बुरी तरह टूटती नजर आ रही हैं. घटना के बाद पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है और पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है.
शिवपुराण का पाठ कर रही थी पीड़िता
जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार शाम की है. मंदिर ट्रस्ट की अध्यक्ष और भाजपा महिला मोर्चा की जिला मंत्री कविता शर्मा मंदिर परिसर में नियमित रूप से शिवपुराण का पाठ कर रही थीं. कविता शर्मा का आरोप है कि इसी दौरान मंदिर के पुजारी की पत्नी पूनम रावत अपने पति बलवीर रावत और अपने परिवार के साथ वहां पहुंचीं और उनके ऊपर भारी ईंट से जानलेवा हमला करने की कोशिश की.
प्रत्यक्षदर्शी ममता चौरसिया के अनुसार, जब पुजारी की पत्नी ने पत्थर उठाया तो उन्होंने बीच-बचाव कर कविता शर्मा की जान बचाई, जिसके कारण वह पत्थर पास में रखे स्टील के दानपात्र पर जा लगा. पत्थर के जोरदार प्रहार से दानपात्र पूरी तरह पिचक गया और क्षतिग्रस्त हो गया. इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ और आरोपी पक्ष ने बाल्टियों से भी ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे पीड़िता को गंभीर चोटें आईं.
मोबाइल से वीडियो बनाते रहे पुजारी
वहीं घटना का जो वीडियो सामने आया है, वह मंदिर के भीतर की इस पूरी बर्बरता को बयां करता है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भगवा और लाल रंग की साड़ी में महिला मर्यादाओं को ताक पर रखकर दूसरी महिला पर हमला कर रही है. एक महिला को दूसरी महिला के बाल पकड़कर जमीन पर पटकते और बुरी तरह पीटते हुए देखा जा सकता है. इस दौरान वहां मौजूद मंदिर के पुजारी, जिन्हें रोकने का प्रयास करना चाहिए था, वो खुद मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड करते दिखाई दे रहे हैं. पीड़िता कविता शर्मा का आरोप है कि पुजारी ने अपनी पत्नी को रोकने के बजाय इस हमले का सुनियोजित तरीके से वीडियो बनाया ताकि उन्हें डराया-धमकाया जा सके.
मंदिर पर कब्जे को लेकर तनाव
इस पूरी हिंसक घटना के पीछे मंदिर के प्रबंधन और आर्थिक नियंत्रण का बड़ा विवाद सामने आया है. दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से मंदिर पर कब्जे को लेकर तनाव चल रहा था. मंदिर ट्रस्ट की अध्यक्ष कविता शर्मा और ममता चौरसिया का कहना है कि मंदिर में ट्रस्ट बनने के बाद व्यवस्थाओं को नियमबद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है. हाल ही में ट्रस्ट द्वारा मंदिर के विकास और धार्मिक आयोजनों के लिए एक नया दानपात्र स्थापित किया गया था. पुजारी पक्ष इसी दानपात्र को लगाए जाने से नाराज था. आरोप है कि पुजारी और उनका परिवार खुद को मंदिर का सर्वेसर्वा मानता है और मंदिर की संपत्ति, चढ़ावे व संसाधनों का मनमाने ढंग से उपयोग करना चाहता है. शिकायतकर्ता के अनुसार, पुजारी जानबूझकर अपने परिवार को उकसाकर मंदिर की कीमती जमीन और चढ़ावे पर अवैध रूप से अधिकार जमाने की कोशिश कर रहे हैं और इसी रंजिश में इस पूरी वारदात को अंजाम दिया गया.
पुलिसिया कार्यवाही और दहशत का माहौल
घटना के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद अन्य श्रद्धालु और बच्चे इस खौफनाक मंजर को देखकर सहम गए. मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत 112 पुलिस को फोन कर सूचना दी. सूचना मिलते ही थाना शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची. पीड़िता कविता शर्मा ने थाना शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को लिखित तहरीर सौंपकर आरोपी पूनम रावत और पुजारी बलवीर रावत के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही करने और जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है. पुलिस ने तहरीर और वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
अजय झा