तेरहवीं पर काशी आए, फिर बंद कमरे में मिली भाई-बहन की लाश... मोक्ष वाली थ्योरी और ₹6 लाख कैश से बढ़ा सस्पेंस

वाराणसी के कैंट स्टेशन के सामने होटल सिटी इन में हैदराबाद के भाई-बहन ने विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली. कमरे से 6 लाख 61 हजार नकद, दवाइयां और ‘सॉरी, फॉरगिव अस’ लिखा नोट मिला. पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों ने बड़ी बहन की तेरहवीं के दिन मोक्ष की चाह में यह कदम उठाया.

Advertisement
काशी में भाई-बहन ने होटल के कमरे में जहर खाकर की खुदकुशी (Photo: ITG) काशी में भाई-बहन ने होटल के कमरे में जहर खाकर की खुदकुशी (Photo: ITG)

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी ,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:15 PM IST

वाराणसी से एक बेहद हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां हैदराबाद से आए एक सगे भाई और बहन ने होटल के बंद कमरे में विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली. यह मामला वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र के परेड कोठी इलाके का है. कैंट रेलवे स्टेशन के ठीक सामने स्थित होटल सिटी इन में दोनों पिछले तीन दिनों से ठहरे हुए थे. घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

Advertisement

मंगलवार को होटल में उस समय हड़कंप मच गया, जब कमरा नंबर 2005 में ठहरे भाई-बहन ने लंबे समय तक रिसेप्शन का फोन नहीं उठाया. उसी दिन दोनों को होटल से चेक आउट करना था, लेकिन बार-बार कॉल के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला. होटल कर्मचारियों को शक हुआ तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी.

यह भी पढ़ें: मोक्ष की तलाश में काशी में डबल सुसाइड, बड़ी बहन की तेरहवीं के दिन भाई-बहन ने लिखा नोट- ‘सॉरी, फॉरगिव अस’

होटल के कमरे में मिले हैदराबाद के भाई-बहन के शव

सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. वीडियोग्राफी के साथ मास्टर चाबी की मदद से जब कमरे का दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी लोग सन्न रह गए. कमरे के फर्श पर बिस्तर के पास भाई और बहन के शव पड़े हुए थे. दोनों के मुंह से झांग निकल रहा था, जिससे आशंका जताई गई कि उन्होंने कोई विषाक्त पदार्थ खाया है.

Advertisement

कमरे की जांच के दौरान पुलिस को टेबल पर कई दवाइयां बिखरी हुई मिलीं. कुछ दवाइयों के रैपर भी वहां पड़े थे. शुरुआत में पुलिस इसे सुसाइड बाई प्वाइजनिंग का मामला मान रही है. पुलिस ने कमरे में मौजूद सामान की तलाशी ली तो पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, लैपटॉप के साथ 6 लाख 61 हजार रुपये नकद भी बरामद हुए. इसके अलावा एक छोटा सा शार्ट नोट भी मिला, जिस पर लिखा था, सॉरी, फॉरगिव अस.

टेबल पर बिखरी मिली दवाइयां और रैपर
 

आईडी प्रूफ के आधार पर मृतकों की पहचान हैदराबाद सिकंदराबाद के सीताफल मंडी इलाके के रहने वाले सगे भाई-बहन के रूप में हुई. मृतक भाई का नाम गणेश गौड़ गुनलापल्ली (46 वर्ष) और बहन का नाम धनलक्ष्मी गुनलापल्ली (38 वर्ष) बताया गया है. पुलिस ने बताया कि दोनों की पहचान उनके पिता के नाम के आधार पर सगे भाई-बहन के तौर पर हुई है.

पुलिस जब आधार कार्ड पर लिखे पते की जांच करने पहुंची तो एक और चौंकाने वाली बात सामने आई. पता चला कि दोनों लोग साल 2018 में ही उस स्थान को छोड़ चुके थे. इसी कारण पुलिस को उनके परिजनों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है. फिलहाल पुलिस मृतकों के परिवार से संपर्क करने का प्रयास कर रही है ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके.

Advertisement

पुलिस जांच में मोक्ष की चाह का एंगल

इसी बीच जांच में एक और हैरान करने वाला सच सामने आया है. पुलिस को आशंका है कि इस आत्महत्या के पीछे मोक्ष की कामना का एंगल हो सकता है. वाराणसी में जब कभी दक्षिण भारत से आए तीर्थ यात्रियों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं सामने आती हैं, तब काश्यां मरणं मुक्तिः की मान्यता की चर्चा होती है. ऐसा माना जाता है कि काशी में मृत्यु होने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. पुलिस को शक है कि मृतक भाई-बहन भी इसी सोच के तहत काशी आए थे.

डीसीपी काशी गौरव बंसवाल ने बताया कि मृत महिला की कॉल डिटेल की जांच के दौरान उनकी एक महिला मित्र से बातचीत हुई. महिला मित्र ने पुलिस को बताया कि पिछले साल ही मृतक भाई-बहन के माता-पिता की मौत हो चुकी थी. इसके बाद 28 जनवरी को उनकी बड़ी बहन का भी निधन हो गया था. बताया जा रहा है कि गणेश और धनलक्ष्मी अपनी बड़ी बहन की तेरहवीं के दिन ही आत्महत्या कर बैठे.

बड़ी बहन की तेरहवीं के दिन उठाया कदम

पुलिस को मृतकों के बैग से एक अस्थि कलश और एक डेथ सर्टिफिकेट भी मिला है. इससे यह संभावना जताई जा रही है कि दोनों लोग बड़ी बहन का अस्थि विसर्जन करने के लिए वाराणसी आए थे. परिवार में लगातार मौतों के बाद दोनों खुद को अकेला महसूस कर रहे थे और संभवतः इसी मानसिक स्थिति में उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया.

Advertisement

कमरे से मिले 6 लाख 61 हजार रुपये नकद और ‘सॉरी, फॉरगिव अस’ लिखे नोट को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि यह रकम किसी को लौटाने या कर्ज चुकाने के लिए रखी गई हो सकती है, लेकिन नोट में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिखा गया है. इसलिए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है.

बहन के अस्थि विसर्जन की भी संभावना

डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि मौके से कोई विस्तृत सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का ही लग रहा है. दवाइयों और विषाक्त पदार्थ के संकेत मिले हैं. पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सके.  फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि यदि 72 घंटे तक कोई परिजन शव लेने नहीं आता है तो आगे की प्रक्रिया कानून के अनुसार पूरी की जाएगी.

पुलिस मामले की गहराई से जांच में जुटी

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अकेलेपन, पारिवारिक दुख और धार्मिक मान्यताओं के बीच लोग किस हद तक टूट सकते हैं. वाराणसी पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके.

Advertisement


 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement