'भोले बाबा ने कभी दान या चढ़ावा नहीं मांगा', हाथरस भगदड़ के बाद भी ग्रामीणों ने की बाबा की तारीफ

गांव की महिलाओं ने बताया कि बाबा का आचरण बहुत अच्छा था और वह सिर्फ भगवान से जुड़ी बातें ही करते थे. धन सिंह और मोहित कुमार ने बताया कि बाबा आश्रम के पास ही रहते हैं. एक अन्य ग्रामीण जय कुमार ने बाबा की खूब तारीफ की और कहा कि वे और दूसरे लोग अक्सर बाबा के सत्संग में आते हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि बाबा की उम्र 60 साल से ज्यादा है और उनके कोई बच्चे नहीं हैं.

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हाथरस हादसे में अपनों को खोने के बाद विलाप करतीं महिलाएं (फोटो- पीटीआई) हाथरस हादसे में अपनों को खोने के बाद विलाप करतीं महिलाएं (फोटो- पीटीआई)

aajtak.in

  • हाथरस,
  • 03 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 7:33 PM IST

हाथरस का पुलराई गांव, जहां 2 जुलाई को सूरजपाल जाटव ऊर्फ भोले बाबा के सत्संग के समापन पर भगदड़ मची थी. इस हादसे में 121 लोगों की मौत हो चुकी है. भगदड़ के एक दिन बाद भोले बाबा के पैतृक गांव बहादुरनगर (कासगंज) के निवासियों ने उनकी प्रशंसा की कि उन्होंने कभी किसी से दान या 'चढ़ावा' नहीं मांगा. 

समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक जब लोगों से पूछा गया कि भोले बाबा ने भव्य धाम कैसे बनाया, तो गांव वालों ने बताया कि यह भक्तों से मिले दान से बनाया गया है और उन्होंने उनसे कुछ भी नहीं मांगा है. 

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गांव की महिलाओं ने बताया कि बाबा का आचरण बहुत अच्छा था और वह सिर्फ भगवान से जुड़ी बातें ही करते थे. धन सिंह और मोहित कुमार ने बताया कि बाबा आश्रम के पास ही रहते हैं. एक अन्य ग्रामीण जय कुमार ने बाबा की खूब तारीफ की और कहा कि वे और दूसरे लोग अक्सर बाबा के सत्संग में आते हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि बाबा की उम्र 60 साल से ज्यादा है और उनके कोई बच्चे नहीं हैं. 

उन्होंने बताया कि भोले बाबा ने एक लड़की को गोद लिया था, जिसकी करीब 16-17 साल पहले मौत हो गई थी. बाबा ने 2 दिन तक उसके शव को घर पर रखा था, उम्मीद थी कि वह जिंदा हो जाएगी. स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और उसके बाद लड़की का अंतिम संस्कार किया गया. 

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बताया जाता है कि बाबा मैनपुरी में एक आश्रम में रहता है. हाथरस जिले में उनके सत्संग में भगदड़ मचने के एक दिन बाद आश्रम के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी और 31 लोग घायल हो गए थे. हालांकि, जब अधिकारियों से पूछा गया कि क्या बाबा आश्रम के अंदर थे, तो उन्होंने कुछ नहीं कहा. 

पुलिस सूत्रों ने बताया कि भोले बाबा आश्रम के अंदर थे. यहां बिछवान स्थित आश्रम के बाहर कई थानों से पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और मीडिया सहित किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है. 

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