ग्रेटर नोएडा: टॉयलेट का दरवाजा खोलते ही धमाका, झुलस गया 16 साल का लड़का 

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-36 के एक घर में एक टॉयलेट के अंदर हुए जोरदार धमाके से हड़कंप मच गया. यह धमाका उस समय हुआ जब एक 16 साल के लड़के ने शौच जाने के लिए का टॉयलेट का दरवाजा खोला. तेज आवाज के साथ ब्लास्ट हो गया. धमाका इतना जबरदस्त था कि लड़का बुरी तरह झुलस गया और वही गिर पड़ा.

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ग्रेटर नोएडा के एक मकान के टॉयलेट में धमाका हो गया. ग्रेटर नोएडा के एक मकान के टॉयलेट में धमाका हो गया.

aajtak.in

  • ग्रेटर नोएडा,
  • 05 मई 2025,
  • अपडेटेड 9:09 AM IST

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-36 के एक घर में एक टॉयलेट के अंदर हुए जोरदार धमाके से हड़कंप मच गया. यह धमाका उस समय हुआ जब एक 16 साल के लड़के ने शौच जाने के लिए का टॉयलेट का दरवाजा खोला. तेज आवाज के साथ ब्लास्ट हो गया. धमाका इतना जबरदस्त था कि लड़का बुरी तरह झुलस गया और वही गिर पड़ा.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार घटना सेक्टर-36 के मकान संख्या सी-364 के पास हुई. यह धमाका टॉयलेट सीट में सीवर के कारण जमा हुई मीथेन गैस से हुआ. जब गैस ज्यादा मात्रा में इकट्ठा हो जाती है और उसे बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिलता, तो वह ब्लास्ट का रूप ले सकती है. यही इस घटना में भी हुआ होगा. लड़के ने जैसे ही दरवाजा खोला धमाका हो गया. घायल लड़के को तुरंत पास के जिम्स हॉस्पिटल, कासना में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत स्थिर है और इलाज जारी है.

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लोग बोले - सीवर सिस्टम फेल हो चुका है

इलाके के लोगों का कहना है कि ग्रेटर नोएडा में सीवर की हालत काफी खराब है. पहले सीवर में वेंट पाइप लगाए जाते थे, जिससे गैस आसानी से बाहर निकल जाती थी. लेकिन अब ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है. गैस पाइप के अंदर ही जमा होती रहती है और कभी भी धमाका कर सकती है. स्थानीय निवासियों ने बताया कि पी-3 गोलचक्कर के पास उद्यमन होटल के पास पिछले डेढ़ साल से सीवर लाइन टूटी हुई है. इसकी शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सीवर विभाग में ऐसे अधिकारी हैं जिन्हें तकनीकी जानकारी नहीं है.

इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में डर और गुस्से का माहौल है. लोग कह रहे हैं कि अगर समय पर ध्यान दिया गया होता तो यह हादसा रोका जा सकता था. अब वे मांग कर रहे हैं कि पूरे क्षेत्र की सीवर व्यवस्था की जांच की जाए और जहां-जहां गैस जमा हो सकती है, वहां वेंटिलेशन की व्यवस्था की जाए.

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