उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में जिला कलेक्ट्रेट परिसर उस समय हैरान रह गया जब एक युवक पुलिस की वर्दी पहनकर दारोगा बनकर घूमता हुआ नजर आया. उसके व्यवहार और बातों पर स्थानीय लोगों को शक हुआ, जिसके बाद उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया.
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी. आरोपी के पास से पुलिस का आईडी कार्ड भी बरामद हुआ है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है.
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बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है, जहां कलेक्ट्रेट परिसर में लोग अपने काम के लिए आए हुए थे. इसी दौरान वर्दीधारी युवक को देखकर लोग सतर्क हो गए.
वर्दी पहनकर थाने की तलाश करता घूम रहा था युवक
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह प्रयागराज से आया है. उसने आगे कहा कि वह थाना ढूंढ रहा है और उसकी पोस्टिंग महिला थाना में है. कागजात बनवाने के लिए वह कलेक्ट्रेट आया था.
युवक की नेमप्लेट पर ‘शिवपाल इंस्पेक्टर’ लिखा हुआ था, जिससे लोग और अधिक भ्रमित हो गए. लेकिन बातचीत के दौरान उसके जवाबों में विरोधाभास मिलने पर लोगों को शक गहरा गया.
स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उसे रोक लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी. इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में लेकर शहर कोतवाली ले गई.
पुलिस जांच में सामने आई सच्चाई
शहर कोतवाली थानाध्यक्ष दयाशंकर ओझा ने बताया कि गिरफ्तार युवक का नाम शिव कुमार पाल है, जो प्रयागराज के करछना का रहने वाला है. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वह अपने घर से लापता था.
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने पुलिस की वर्दी और आईडी कार्ड कैसे हासिल किया. उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
परिजनों ने भी मामले में शिकायत दर्ज कराई है और कुछ पड़ोसियों पर संदेह जताया है. पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कलेक्ट्रेट जैसे संवेदनशील परिसर में फर्जी पुलिस अधिकारी का घूमना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है. स्थानीय लोगों ने पुलिस से ऐसे मामलों में सख्ती बरतने की मांग की है.
फिलहाल, आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की सच्चाई जांच के बाद पूरी तरह सामने आएगी.
सुरेश कुमार सिंह