Uttar Pradesh News: मुजफ्फरनगर के छपार थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक शातिर लुटेरी दुल्हन, उसकी मां और एक महिला बिचौलिया को गिरफ्तार किया है. पीड़ित मांगेराम की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया. आरोपियों ने 10 मई को हरिद्वार के एक मैरिज होम में शादी रचाई थी. शादी के ठीक अगले दिन दुल्हन सोनाक्षी घर में रखी सोने-चांदी की पूरी ज्वेलरी समेटकर फरार हो गई थी. गिरोह ने उम्रदराज कुंवारे लड़कों के परिवार को निशाना बनाकर मोटी रकम वसूलने और लूटने की साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया था.
फिल्म की कहानी जैसा सस्पेंस और फिर बड़ा धोखा
बॉलीवुड की मशहूर फिल्म 'डॉली की डोली' तो आपने देखी ही होगी, जिसमें लुटेरी दुल्हन शादियां करके दूल्हों को चूना लगाती है. हूबहू ऐसा ही वाकया मुजफ्फरनगर में हकीकत बन गया. रामपुर गांव के मांगेराम को क्षेत्र के घुमावती निवासी रविंद्र ने सोनाक्षी नाम की लड़की का फोटो दिखाकर जाल में फंसाया था. रिश्ता तय करने के बदले रविंद्र ने मुंहमांगी मोटी रकम भी वसूली. 10 मई को हरिद्वार के एक होटल में पूरे रीति-रिवाज से मांगेराम के बेटे की शादी संपन्न हुई, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनके साथ एक बहुत बड़ा धोखा होने जा रहा है.
सुहागरात के अगले ही दिन पैर तले खिसकी जमीन
शादी की खुशियां अभी ठीक से मनाई भी नहीं गई थीं कि अगले ही दिन दुल्हन का असली रंग सामने आ गया. मांगेराम ने शादी के दौरान बहू सोनाक्षी को जो भी सोने-चांदी के कीमती जेवरात चढ़ाए थे, वह उन्हें समेटकर अचानक रफूचक्कर हो गई. जब परिवार को भनक लगी तो उनके होश उड़ गए. उन्होंने फौरन दुल्हन और उसके साथियों से संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन सभी के फोन और संपर्क टूट चुके थे. इसके बाद पीड़ित परिवार ने 23 मई को छपार थाने में लिखित तहरीर दी.
पुलिस का तत्काल एक्शन, तीन महिलाएं चढ़ीं हत्थे
सीओ सदर रविशंकर मिश्रा के मुताबिक, शिकायत मिलते ही पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 61(2) और 317(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया. आरोपियों की धरपकड़ के लिए तुरंत पुलिस टीमों का गठन किया गया. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुछ ही घंटों में लुटेरी दुल्हन सोनाक्षी, उसकी मां कामिनी और बिचौलिया का काम करने वाली महिला आशा को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने इनके पास से चोरी की गई ज्वेलरी का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा भी बरामद कर लिया है.
उम्रदराज कुंवारे लड़के होते थे इस गैंग का आसान शिकार
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गैंग बेहद शातिर तरीके से काम करता था. ये अमूमन ऐसे संपन्न परिवारों को ढूंढते थे, जिनके लड़कों की शादी उम्र निकल जाने के कारण नहीं हो पा रही थी. ऐसे में बिचौलियों के जरिए जाल बिछाया जाता था और शादी के एक या दो दिन बाद ही लूटपाट कर दुल्हन फरार हो जाती थी. फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और यह पता लगा रही है कि इस गैंग ने अब तक कितने और परिवारों को अपना शिकार बनाया है.
संदीप सैनी