जान जोखिम में डालकर एक लड़की की जिंदगी बचाने वाले रिक्रूट सिपाही दीपक सोलंकी को आगरा पुलिस कमिश्नर की ओर से एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा. फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में तालाब में डूब रही लड़की को बचाने के लिए दीपक ने बिना देर किए वर्दी में ही पानी में छलांग लगा दी थी. उनके इसी साहस और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए पुलिस विभाग ने उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया है.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना 3 जून की है. थाना फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के ग्वालियर गेट के पास स्थित एक गहरे तालाब में एक लड़की अचानक डूबने लगी थी. तालाब की गहराई करीब 20 से 25 फीट बताई गई. युवती को डूबता देख आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. लोग मदद के लिए आवाज लगा रहे थे, लेकिन गहरे पानी के कारण कोई भी तालाब में उतरने का साहस नहीं कर पा रहा था. इसी दौरान थाना फतेहपुर सीकरी की चीता मोबाइल उस रास्ते से गुजर रही थी. लोगों का शोर सुनकर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे. रिक्रूट आरक्षी दीपक सोलंकी ने जब युवती को पानी में संघर्ष करते देखा तो उन्होंने एक पल की भी देरी नहीं की. हालात की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तुरंत अपने जूते उतारे और वर्दी में ही तालाब में छलांग लगा दी.
लड़की को ऐसे निकाला बाहर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवती लगातार गहरे पानी की ओर जा रही थी और उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी. ऐसे में कुछ ही मिनटों का समय बेहद महत्वपूर्ण था. दीपक सोलंकी ने स्थानीय लोगों की मदद से एक अस्थायी रस्सी की व्यवस्था कराई और उसकी सहायता से युवती तक पहुंचे. काफी प्रयास के बाद उन्होंने युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. तालाब से बाहर निकालने के तुरंत बाद युवती को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई गई. इसके बाद पुलिस टीम ने उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया. समय पर मिली मदद के कारण युवती की जान बच गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस कुछ मिनट देर से पहुंचती तो बड़ा हादसा हो सकता था.
दीपक की हर ओर चर्चा
घटना के बाद क्षेत्र में आरक्षी दीपक सोलंकी की बहादुरी की चर्चा शुरू हो गई. लोगों ने उनके साहस की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना एक अनजान युवती की जिंदगी बचाने के लिए जो कदम उठाया, वह प्रेरणादायक है. कई लोगों ने इसे पुलिस की मानवीय संवेदनाओं का उदाहरण भी बताया. मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद आगरा पुलिस कमिश्नर ने रिक्रूट आरक्षी दीपक सोलंकी के कार्य की सराहना की. पुलिस कमिश्नर ने उनके उत्साहवर्धन के लिए एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र प्रदान करने की घोषणा की है. विभाग का मानना है कि ऐसे साहसिक कार्य पुलिस बल के अन्य जवानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनते हैं.
अधिकारियों ने की तारीफ
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का दायित्व है, लेकिन जब किसी व्यक्ति की जान पर बन आती है तो पुलिसकर्मी मानवता का धर्म निभाने में भी पीछे नहीं रहते. दीपक सोलंकी ने जिस तरह बिना किसी सुरक्षा उपकरण का इंतजार किए सीधे पानी में छलांग लगाई, वह उनके कर्तव्यबोध और सेवा भावना को दर्शाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्सर पुलिस की कार्रवाई कानून व्यवस्था तक सीमित समझी जाती है, लेकिन दीपक सोलंकी ने साबित कर दिया कि जरूरत पड़ने पर पुलिसकर्मी किसी की जिंदगी बचाने के लिए भी सबसे पहले आगे खड़े होते हैं. यही वजह है कि अब उन्हें एक बहादुर सिपाही के साथ-साथ एक जीवन रक्षक के रूप में भी देखा जा रहा है.
aajtak.in