Ballia: सामूहिक विवाह में बिना दूल्हे की शादी कराने पर एक्शन, 15 गिरफ्तार, दो सस्पेंड

25 जनवरी को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 537 जोड़ों की शादी कराई गई थी. लेकिन इसमें दर्जनों जोड़े फर्जी निकले. किसी की पहले ही शादी हो चुकी थी, तो कोई पैसे देकर लाया गया था. वायरल वीडियो में कई दुल्हनें तो खुद को ही वरमाला डालती हुई दिखाई दी थीं.  

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बलिया: डीएम के निर्देश पर की गई कार्रवाई बलिया: डीएम के निर्देश पर की गई कार्रवाई

aajtak.in

  • बलिया ,
  • 02 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 10:47 AM IST

यूपी के बलिया में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हुए फर्जीवाड़े को लेकर कार्रवाई की गई है. डीएम के निर्देश पर थाना मनियर में एफआईआर दर्ज कर कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. विवेचना में तीन सरकारी अधिकारी/कर्मचारी और 12 दलाल किस्म के लोगों का नाम सामने में आया है. फिलहाल, जांच चल रही है. अभी और लोगों पर एक्शन हो सकता है.  

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बता दें कि मनियर थाना क्षेत्र में 25 जनवरी को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 537 जोड़ों की शादी कराई गई थी. लेकिन इसमें दर्जनों जोड़े फर्जी निकले. किसी की पहले ही शादी हो चुकी थी, तो कोई पैसे देकर लाया गया था. वायरल वीडियो में कई दुल्हनें तो खुद को ही वरमाला डालती हुई दिखाई दी थीं.  इस तरह अपात्र जोड़ों का नाम सामूहिक विवाह योजना में दर्ज कराकर सरकारी धन की बंदर बांट की गई.  

पुलिस ने इनपर लिया एक्शन 

मामला सामने आने के बाद बलिया जिला प्रशासन की खूब किरकिरी हुई. इसकी गूंज लखनऊ तक सुनाई दी. सपा मुखिया अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर निशाना साधा. जिसके बाद बलिया डीएम के निर्देश पर 30 जनवरी को एफआईआर दर्ज कराई गई. बीते दिन पुलिस ने समाज कल्याण विभाग के दो सहायक विकास अधिकारियों और जिला समाज कल्याण विभाग के पटल अधिकारी समेत कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. दो और अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई भी की गई है. 

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जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में 30 जनवरी 2024 को एक अधिकारी एवं आठ अन्य लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी.  इस कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा रहा है. भ्रष्टाचार करने वाले चाहे अधिकारी/कर्मचारी या कोई भी अन्य हो उसे बख्शा नहीं जाएगा . उस पर कठोर करवाई सुनिश्चित की जाएगी. सामूहिक विवाह योजना में भ्रष्टाचार करने वालों पर ऐसी कारवाई की जाएगी कि वह जनपद के लिए नजीर बनेगी. 

फिलहाल, फर्जी दुल्हनों से सामान वापस लिया जा रहा है. बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करने पर भी रोक लगा दी गई है. वहीं, जिनको पैसा मिल चुका, उनसे रिकवरी होगी. इस पूरी कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है. 

क्या है नियम? 

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में लड़की को 51 हजार रुपये दिए जाते हैं. यूपी सरकार ने कमजोर और गरीब तबकों की लड़कियों के लिए 2017 में ये योजना शुरू की थी. इसमें 35 हजार रुपये सीधे दुल्हन के एकाउंट में जाता है. 10 हजार रुपये शादी के जोड़ों, बिछिया, पायल और घरेलू सामान को खरीदने के लिए दिए जाते हैं. जबकि, 6 हजार रुपये उस मंडप पर खर्च होते हैं, जहां शादी होती है. 

इसके लिए पहले बाकायदा ऑनलाइन एप्लिकेशन फॉर्म भरा जाता है. उस एप्लिकेशन फॉर्म के बाद होने वाले दूल्हा और दुल्हन की पूरी एनक्वायरी की जाती है. फिर, विवाह योग्य ऐसे दूल्हा दुल्हन को शॉर्ट लिस्ट कर उन्हें सामूहिक विवाह मंडप तक पहुंचाया जाता है. 

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