हरियाणा में कांग्रेस के हारते ही अखिलेश ने यूपी में दिखा दिए अपने तेवर!

हरियाणा में कांग्रेस की हार होते ही सपा मुखिया अखिलेश यादव ने यूपी में उपचुनाव के लिए छह उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया. अखिलेश ने उन सीटों पर भी प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया, जिन सीटों को कांग्रेस अपने लिए मांग रही थी.

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हरियाणा में कांग्रेस के हारते ही अखिलेश ने दिखाए तेवर! हरियाणा में कांग्रेस के हारते ही अखिलेश ने दिखाए तेवर!

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 09 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 2:57 PM IST

हरियाणा में चुनावी नतीजे आते ही अखिलेश यादव ने विधानसभा उपचुनाव की 10 में से छह सीटों पर अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया. सपा ने जिन छह सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की है, उनमें मझवां और फूलपुर भी शामिल हैं. इन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर सपा मुखिया ने एक तरह से कांग्रेस को दवाब में लाने का काम किया है.  

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दरअसल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अपने बेटे शांतनु राय के लिए मझवां सीट की मांग कर रहे थे, जबकि प्रयागराज से जुड़ी फूलपुर सदर की सीट पर कांग्रेस पार्टी बहुत मजबूती से अपनी दावेदारी पेश कर रही थी. अखिलेश यादव ने अपने पहली लिस्ट में इन दोनों सीटों पर कांग्रेस के लिए दरवाजे बंद कर दिए.  

अखिलेश यादव ने फूलपुर की सीट पर 2022 के विधानसभा चुनावों में 2000 वोट से हारे प्रत्याशी मुस्तफा को ही फिर से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया, जबकि मझवां सीट पर अखिलेश यादव ने बिंद बिरादरी को प्रतिनिधित्व दिया है. सपा प्रमुख ने सभी 6 सीटों पर एक बार फिर अपना पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक यानी PDA फॉर्मूला ही लगाया है.  

सपा ने किस सीट पर किसे दिया टिकट? 

करहल- अखिलेश ने जो अपनी करहल सीट छोड़ी है, उस पर उन्होंने अपने भतीजे तेज प्रताप यादव को ही टिकट दिया है. लोकसभा चुनाव के दौरान तेज प्रताप को पहले कन्नौज सीट से टिकट दिया गया था, लेकिन बाद में उनका नाम वापस ले लिया गया था. तेज प्रताप यादव, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के दामाद हैं. वो मैनपुरी से सांसद रह चुके हैं.  

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मिल्कीपुर- करहल के अलावा सबसे चर्चित अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर समाजवादी पार्टी ने अपने सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को ही टिकट दिया है. इसकी संभावना पहले ही जताई जा रही थी. कुछ दिनों पहले ही अजीत प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज हुआ था.  

सीसामऊ- सपा ने कानपुर की सीसामऊ सीट से नसीम सोलंकी को टिकट दिया है. नसीम सोलंकी पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी की पत्नी हैं. उन्हें 7 साल की सजा होने के बाद सीसामऊ सीट खाली हुई थी. पहले से ही ऐसी चर्चा थी अखिलेश यादव यहां से इरफान सोलंकी की पत्नी को उम्मीदवार बना सकते हैं.  

फूलपुर- अखिलेश ने प्रयागराज के फूलपुर से मुस्तफा सिद्दीकी को टिकट दिया गया है. मुस्तफा तीन बार के विधायक हैं. वो दो बार सोरांव और एक बार प्रतापपुर सीट से विधायक बने थे. 2022 के चुनाव में उन्हें हार मिली थी, अब एक बार फिर अखिलेश ने उन पर अपना भरोसा जताया है.

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मझवां- मिर्जापुर की मझवां सीट पर अखिलेश यादव ने भदोही से पूर्व सांसद रमेश बिंद की बेटी ज्योति बिंद को टिकट दिया है. रमेश बिंद तीन बार मझवां सीट से विधायक रह चुके हैं. वो 2019 में बीजेपी की टिकट पर भदोही से सांसद बने. इस बार बीजेपी छोड़कर वो सपा में शामिल हो गए थे और उन्हें मिर्जापुर से टिकट दिया गया था. हालांकि उन्हें अपना दल (सोनेलाल) की अनुप्रिया पटेल से हार का सामना करना पड़ा था. मझवां से विधायक डॉ. विनोद बिंद भदोही से सांसद चुने गए थे, जिसकी वजह से मझवां सीट पर उपचुनाव हो रहा है. 

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कटेहरी- अंबेडकर नगर की कटेहरी सीट लालजी वर्मा के इस्तीफे के बाद खाली हुई है. लालजी वर्मा 2024 के लोकसभा चुनाव में सांसद चुने गए, जिसके बाद कटेहरी सीट खाली हुई. इस सीट पर अखिलेश यादव ने शोभावती वर्मा को टिकट दिया है. शोभावती वर्मा लालजी वर्मा की पत्नी हैं और वो अंबेडकर नगर की जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुकी हैं.  

बता दें कि इस साल के आखिर में उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर उपचुनाव होना है. इसके लिए सपा ने छह उम्मीदवारों का ऐलान तो कर दिया है, लेकिन अभी भी चार सीटों को होल्ड पर रखा है, जिनमें मीरापुर, कुंदरकी, गाजियाबाद सदर और अलीगढ़ की खैर सीट शामिल है. 
 

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