उत्तर प्रदेश के बागपत के बोढा गांव में विकास कार्यों में कथित घोटाले की जांच करने पहुंची प्रशासनिक टीम के सामने पंचायत भवन अचानक अखाड़े में तब्दील हो गया. शिकायतकर्ता और प्रधान पक्ष के लोगों के बीच पहले तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज हुई, फिर देखते ही देखते कुर्सियां और चप्पलें चलने लगीं. दोनों पक्षो में दनादन कुर्सियां चली. पुलिस और अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस हाईवोल्टेज हंगामे में कई लोग घायल हो गए. पंचायत भवन में हुई इस मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
दरअसल बागपत के छपरौली थाना क्षेत्र के बोढा गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितताओं और सरकारी धन के कथित गबन की शिकायत की जांच करने प्रशासनिक टीम गांव पहुंची. गांव के जसवीर नामक ग्रामीण ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर विकास कार्यों में गड़बड़ी और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी.
शिकायत के आधार पर जांच के लिए अधिकारी पंचायत भवन पहुंचे और दोनों पक्षों को अपना-अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया. जांच प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष और प्रधान प्रतिनिधि पक्ष के लोगों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए. कुछ ही देर में बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों ओर से जमकर गाली-गलौज होने लगी.
माहौल उस समय और बिगड़ गया जब विवाद हाथापाई में बदल गया. पंचायत भवन के अंदर ही दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे पर कुर्सियों से हमला कर दिया जबकि इस दौरान चप्पलें से भी पिटाई की गई. अचानक हुई कुर्सीबाजी से वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई. पुलिसकर्मी और अधिकारी बीच-बचाव करते रहे, लेकिन कुछ देर तक दोनों पक्षों के लोग भिड़ते रहे.
इस दौरान कई लोगों को मामूली चोटें आईं. अधिकारियों और पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को अलग कराया. घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने मोबाइल फोन में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
बता दें कि इसी तरह बागपत में एक बार 'चाट युद्ध' इसमें ग्राहकों को अपनी दुकान पर बुलाने को लेकर जमकर मारपीट हुई तो चर्चित हो गई थी. इस लड़ाई में शामिल हरेंद्र सिंह नाम के एक दुकानदार अपने अनोखे घुंघराले बालों के कारण इंटरनेट पर 'आइंस्टीन चाचा' या 'चाट वाले चाचा'के रूप में मशहूर हो गए थे.
मनुदेव उपाध्याय