पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में कई दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन अब आर-पार के मूड में है. रविवार को रावलाकोट समेत कई इलाकों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारे लगाए. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए. रिपोर्ट बताती है कि कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबरें भी सामने आई हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोलीबारी की घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
48 घंटे की मोहलत, फिर बड़ा आंदोलन
आंदोलन का नेतृत्व कर रही जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKAAC) ने पाकिस्तान सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है. संगठन का कहना है कि यदि तय समय के भीतर लोगों की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 9 जुलाई को बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे.
कमेटी ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक धरना और प्रदर्शन जारी रहेंगे. साथ ही, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लोगों और विदेशों में रह रहे कश्मीरी समुदाय से भी 9 जुलाई के प्रस्तावित आंदोलन में भाग लेने की अपील की गई है.
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को भी दिया न्योता
JKAAC ने संयुक्त राष्ट्र (UN), इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC), अंतरराष्ट्रीय मीडिया और वैश्विक मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि वे 9 जुलाई को PoK पहुंचकर वहां की स्थिति का स्वयं आकलन करें. संगठन का आरोप है कि क्षेत्र में लोगों के साथ सख्ती बरती जा रही है और उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है.
PoK में क्या है ताजा हालात, देखें ये रिपोर्ट.
जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी
यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक, छात्र और नागरिक संगठनों का एक संयुक्त मंच है. यह संगठन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों-जैसे महंगाई, बिजली दरें, कर व्यवस्था, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर आंदोलन और विरोध प्रदर्शन आयोजित कराता रहा है.
भारत से मांगी मानवीय सहायता
प्रदर्शन के दौरान संगठन के नेता सरदार अमन खान ने नियंत्रण रेखा (LoC) के उस पार रहने वाले लोगों और भारत से भी सहायता की अपील की. उनका कहना है कि क्षेत्र में खाद्य सामग्री, दवाइयों और दूसरी जरूरी वस्तुओं की कमी बढ़ती जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक प्रतिबंधों जैसी परिस्थितियों के कारण आम लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.
लगातार चर्चा में है PoK
हाल के दिनों में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से विरोध प्रदर्शनों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं. इन वीडियो में बड़ी संख्या में लोग पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं.
फिलहाल, 9 जुलाई को प्रस्तावित आंदोलन पर सभी की नजरें टिकी हैं. यह देखना होगा कि पाकिस्तान सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्षेत्र की स्थिति किस दिशा में आगे बढ़ती है.
aajtak.in