सोशल मीडिया पर एक वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है. इसमें एक शख्स जमीन से 200 फीट ऊपर क्रेन से हवा में लटका दिखाई दे रहा है. कई घंटे तक वह शख्स वहीं लटका रहा. बताया जाता है कि पैराग्लाइडिंग के दौरान गलती से वह क्रेन से टकरा गया था. इसके बाद उसका पैराशूट क्रेन में फंस गया. ऐसे में जानते हैं कि आखिर उसे वहां से नीचे कैसे उतारा गया.
द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के मध्य में स्थित नानचोंग शहर में एक निर्माण स्थल के ऊपर लगे क्रेन में एक पैराग्लाइडर का पैराशूट फंस गया और वह चार घंटे तक हवा में लटका रहा. चौंकाने वाले फुटेज में दिखाया गया है कि पैराग्लाइडर असहाय होकर हवा में झूल रहा है जबकि उसका पैराशूट उसके ऊपर लगे क्रेन में उलझा हुआ है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना शुक्रवार को तब घटी जब तेज हवाओं के कारण पायलट ने अपने पैराशूट पर कंट्रोल खो दिया और वह निर्माण स्थल की ओर जा गिरा. उसके पैराशूट की रस्सियां क्रेन के जिब में फंस गईं और वह हवा में ही अटक गया. वहां मौजूद एक व्यक्ति ने लटकते हुए व्यक्ति को देखा और तुरंत आपातकालीन सेवाओं को फोन किया.
शाम 6.17 बजे सूचना मिलने के बाद नानचोंग फायर रेस्क्यू कमांड सेंटर के दमकलकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे. कंस्ट्रक्शन साइट निर्माण सामग्री से भरी पड़ी थी और उसमें गहरे गड्ढे थे - जिससे दमकलकर्मियों के लिए हवा से भरे सुरक्षा कुशन तैनात करना असंभव हो गया था. इसके बजाय, बचाव दल ने फंसे हुए पैराग्लाइडर की ओर 236 फीट लंबी एक विशाल सीढ़ी बढ़ाई.
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दमकलकर्मियों ने उलझी हुई रस्सियों को काटकर शख्स को रात 10 बजे जमीन पर उतारा. क्रेन में फंसने के करीब चार घंटे बाद वह नीचे उतर पाया. सौभाग्यवश वह व्यक्ति घायल नहीं हुआ, लेकिन वह इतनी देर तक ऊपर बिना कुछ खाये- पीये रहने की वजह से पूरी तरह से डिहाइड्रेड हो गया था.
दो हफ्ते पहले भारत में हुई थी ऐसी ही घटना
दो सप्ताह पहले भारत में पैराग्लाइडिंग दुर्घटना में एक ब्रिटिश फिल्म निर्माता की गर्दन टूट गई थी.जॉर्ज रिचमंड, जिन्होंने डेडपूल और फैंटास्टिक बीस्ट्स पर काम किया था. भारत में हिमालय के ऊपर से विमान उड़ाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गए. 54 साल के रिचमंड पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला की दूसरी सबसे ऊंची चोटी के पास से गिरे, जो जमीन से लगभग 20,000 फीट ऊपर है.
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दुर्भाग्यवश, उन्हें फांसी पर लटकाए जाने जैसा फ्रैक्चर गर्दन पर हो गया, जिससे गर्दन के नीचे का शरीर लकवाग्रस्त हो जाता है. रिचमंड के ठीक होने में मदद कर रहे डॉ. कुमार ने बताया कि यह सबसे गंभीर प्रकार की चोट है जो किसी को लग सकती है.
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