Ground Report: खामेनेई को विदाई देने UK से आई महिला, बोली- 'जंग ने हमें और मजबूत बनाया'

जैसे-जैसे लोगों का एक अंतहीन प्रवाह ग्रांड मोसाला में उमड़ता जा रहा है, तेहरान एक मार्मिक तस्वीर पेश करता है. खामेनेई के जनाजे में शामिल में होने जनसैलाब उमड़ा है. दुनिया के दूसरे हिस्सों से लोग तेहरान पहुंच रहे हैं. ऐसी ही एक महिला ब्रिटेन से वहां पहुंची है, जिसने जंग को लेकर बड़ी बात कही.

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ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामनेई के जनाजे में शामिल होने दुनिया के दूसरे देशों से भी पहुंच रहे लोग ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामनेई के जनाजे में शामिल होने दुनिया के दूसरे देशों से भी पहुंच रहे लोग

गीता मोहन

  • तेहरान,
  • 06 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:58 PM IST

ईरान की राजधानी तेहरान इन दिनों गम, लोगों की उमड़ती भावनाओं और भारी भीड़ का गवाह बनी हुई है. देश के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए लाखों लोग राजधानी के ग्रैंड मोसल्ला पहुंच रहे हैं. राजधानी में दिवंगत नेता को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए लोग धैर्यपूर्वक कतार में खड़े हैं.

खामेनेई, जिन्होंने 1989 से लेकर 28 फरवरी 2026  को इजरायल-अमेरिकी हवाई हमले में अपनी मृत्यु तक ईरान पर शासन किया. इन्हें ऐसी विदाई दी जा रही है. जिसने तेहरान को शोक और भावनाओं की लहर उमड़ पड़ी है.  तेहरान से खामेनेई का अंतिम संस्कार जुलूस सोमवार को कोम होते हुए पवित्र इराकी शहरों नजफ और कर्बला की ओर बढ़ेगा. पूर्व सर्वोच्च नेता को 9 जुलाई को मशहद में दफनाया जाएगा.

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हर तरफ ईरानी झंडे, काले रंग के शोक बैनर और धार्मिक प्रतीक दिखाई दे रहे हैं. सड़कों पर वॉलंटियर लोगों की मदद कर रहे हैं और माहौल पूरी तरह शोक में डूबा हुआ है. मीनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर अमेरिकी हमले में मारे गए 150 से अधिक बच्चों के चेहरों वाले पोस्टर भी राजधानी के कई हिस्सों में प्रदर्शित किए गए. 

गम में डूबी ऐसी ही भीड़ में एक ऐसी महिला भी शामिल हुई, जिसने सिर्फ पूर्व सर्वोच्च नेता के अंतिम दर्शन के लिए करीब 4,000 किलोमीटर का सफर तय किया. ब्रिटेन में रहने वाली ईरानी महिला माजिया खास तौर पर तेहरान पहुंचीं ताकि वह अपने देश के पूर्व नेता को श्रद्धांजलि दे सकें.

ग्रैंड मोसल्ला पहुंचने से पहले माजिया ने कहा कि उनका यहां आना सिर्फ अंतिम संस्कार में शामिल होना नहीं, बल्कि अपने देश के साथ एकजुटता दिखाना है. उन्होंने बिना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए उन पर निशाना साधा और कहा कि मैं दुनिया को बताने आई हूं कि 4,000 साल पुरानी सभ्यता को कोई खत्म नहीं कर सकता, जो इसे मिटाने की कोशिश करता है, वह आखिरकार अपने ही देश को नुकसान पहुंचाता है.

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हालिया युद्ध का जिक्र करते हुए माजिया ने कहा कि इस संघर्ष ने ईरान को कमजोर नहीं, बल्कि पहले से ज्यादा मजबूत बना दिया है. उनके मुताबिक, बाहरी दबाव ने देश के लोगों को और ज्यादा एकजुट किया है.उन्होंने कहा कि इस युद्ध ने ईरान को मजबूत बनाया है. लोगों को एक साथ खड़ा कर दिया है.

माजिया ने अमेरिका पश्चिमी देशों की नीतियों की भी आलोचना की. उनका कहना था कि दूसरे देशों के संसाधनों पर कब्जा करने की कोशिशों का विरोध होना चाहिए. उन्होंने सीरिया, इराक और अफगानिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान को उस तरह के लोकतंत्र की जरूरत महसूस नहीं करता, जैसा इन देशों में देखने को मिला.

उन्होंने हालिया युद्ध में मीनाब के एक गर्ल्स स्कूल पर हुए कथित हमले का भी जिक्र किया. माजिया ने कहा कि वहां मारे गए बच्चों की याद आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है और उस त्रासदी को कोई नहीं भूल सकता.

उन्होंने अमेरिका के आम लोगों से भी अपील की कि वे अपने देश की विदेश नीति और मध्य पूर्व में होने वाले युद्धों पर सवाल उठाएं. उनके मुताबिक, इन संघर्षों की कीमत मासूम बच्चों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है.

उधर, ग्रैंड मोसल्ला में लगातार अंतिम प्रार्थनाएं हो रही हैं. खामेनेई के ताबूत के पास उनके छोटे पोते की तस्वीर भी रखी गई है. इस तस्वीर को देखकर कई लोग भावुक हो रहे हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़ते हैं.

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तेहरान की तस्वीर इस समय एक ऐसे शहर की है, जो अपने नेता को अंतिम विदाई दे रहा है और साथ ही हालिया युद्ध के घाव भी अपने साथ लिए हुए है. लाखों लोगों की मौजूदगी ने इस अंतिम यात्रा को ईरान के हालिया इतिहास की सबसे बड़ी सार्वजनिक श्रद्धांजलियों में शामिल कर दिया है.

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