'आकाश में मिसाइलें थीं, इंडिया का बताया तो रास्ता दिया...' ईरान गए इंडियन ने बताई कहानी

कश्मीर से बाइक पर निकले एक भारतीय बाइकर की कहानी इन दिनों चर्चा में है. ईरान, इराक और अफगानिस्तान जैसे देशों में उन्हें ऐसी मेहमाननवाजी मिली.आखिर कौन हैं ये बाइकर और क्या है उनकी पूरी कहानी, जानिए इस रिपोर्ट में…

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उमर इकबाल, ने अपने अनुभवों से लोगों को चौंका दिया.-(Photo: Insta/@the.umar._) उमर इकबाल, ने अपने अनुभवों से लोगों को चौंका दिया.-(Photo: Insta/@the.umar._)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:19 PM IST

कश्मीर से निकले एक भारतीय बाइकर ने अपनी मोटरसाइकिल यात्रा के दौरान इराक, ईरान और अफगानिस्तान में मिली अनोखी मेहमाननवाजी की कहानी शेयर की है. आजतक के संवाददाता प्रणय उपाध्याय के साथ बातचीत में बाइकर ने बताया कि कई जगहों पर बॉर्डर चेकिंग तक नहीं हुई और लोग खुद आगे बढ़कर उन्हें खाना और ठहरने की जगह देते रहे.

इस बाइकर, उमर इकबाल, ने अपने अनुभवों से लोगों को चौंका दिया. उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान कई बार उन्हें सामान्य चेकिंग से भी नहीं गुजरना पड़ा. उनके मुताबिक, जैसे ही लोगों को पता चलता था कि वह भारत से हैं, उनका व्यवहार और भी ज्यादा अपनापन भरा हो जाता था.

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उमर ने कहा कि जब लोगों ने सुना कि मैं इंडिया से हूं, तो मेरी बाइक को टच तक नहीं किया. कोई चेकिंग नहीं हुई. उन्होंने यह भी बताया कि कई जगहों पर लोग खुद आगे आकर उन्हें खाना ऑफर करते थे और रुकने के लिए जगह देते थे. हर जगह उन्हें एक मेहमान की तरह सम्मान मिला.

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हालांकि, उनकी यात्रा का एक डरावना पहलू भी सामने आया. पुलवामा, कश्मीर के 27 वर्षीय उमर इकबाल ने ईरान में अमेरिका-ईरान तनाव के दौरान अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि एक समय वह खाली हाईवे पर बाइक चला रहे थे, तभी उनके ऊपर से बार-बार मिसाइलें गुजर रही थीं.उन्होंने कहा कि मुझे बहुत डर लग रहा था, क्योंकि लगा कि कोई मिसाइल चलती गाड़ी को निशाना बना सकती है.

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उमर एक ट्रैवल व्लॉगर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं, जो अपने सफर और अनुभवों को वीडियो के जरिए साझा करते हैं. हाल ही में उन्होंने मिडिल ईस्ट के तनावपूर्ण माहौल के बीच ईरान के तैबात शहर से अफगानिस्तान बॉर्डर पार करते हुए एक वीडियो भी बनाया. उनके यूट्यूब चैनल का नाम 'द उमर' है, जिस पर करीब 617 हजार सब्सक्राइबर हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, उमर 21 फरवरी को ईरान पहुंचे थे. शुरुआत में स्थिति सामान्य थी, लेकिन बाद में हालात बिगड़ गए. उनकी यह कहानी दिखाती है कि एक तरफ जंग का डर है, तो दूसरी तरफ आम लोगों की इंसानियत और मेहमाननवाजी भी उतनी ही मजबूत बनी हुई है.

 

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