Video: भालू का सूट पहनकर गाड़ी तोड़ी, फिर किया इंश्योरेंस क्लेम… ऐसे रचा गया स्कैम

लोग स्कैम के लिए ऐसी-ऐसी हरकतें करते हैं कि यकीन करना मुश्किल हो जाता है. ऐसा ही एक मामला इंश्योरेंस कंपनी को ठगने का सामने आया है. आरोपियों ने इसके लिए जो किया, वो कोई सोच भी नहीं सकता.

Advertisement
2024 में हुई इस घटना का फैसला अब सामने आया है (सांकेतिक तस्वीर:AI) 2024 में हुई इस घटना का फैसला अब सामने आया है (सांकेतिक तस्वीर:AI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:57 PM IST

सुनने में यह किसी फिल्म की कहानी लगती है, लेकिन यह पूरी तरह हकीकत है. लग्जरी कार रोल्स-रॉयस घोस्ट और दो मर्सिडीज गाड़ियों को नुकसान पहुंचाने के लिए 'भालू' का सहारा लिया गया, लेकिन यह असली भालू नहीं, बल्कि इंसान था.

पूरा मामला तब सामने आया जब कार मालिकों ने दावा किया कि एक जंगली भालू ने उनकी गाड़ियों में घुसकर सीटें फाड़ दीं और भारी नुकसान पहुंचाया. उन्होंने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर इंश्योरेंस कंपनियों को भेजा और क्लेम किया. पहली नजर में मामला असली लगा, लेकिन जांच में कहानी पलट गई.

Advertisement

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसियों को शक हुआ और कैलिफोर्निया इंश्योरेंस डिपार्टमेंट ने इस केस को ऑपरेशन बेयर क्लॉ नाम दिया. जांच के दौरान CCTV फुटेज, वीडियो एनालिसिस और विशेषज्ञों की मदद से यह साबित हुआ कि कथित 'भालू' दरअसल एक इंसान था, जिसने भालू का कॉस्ट्यूम पहन रखा था.

क्या है ऑपरेशन बेयर क्लॉ

8 जनवरी 2024 को लेक एरोहेड, कैलिफोर्निया में आरोपियों ने भालू का सूट पहनकर एक शख्स को लग्जरी कारों—रोल्स-रॉयस घोस्ट और दो मर्सिडीज के अंदर भेजा और सीटें फाड़कर नुकसान पहुंचाया. उसी दिन उन्होंने करीब 1.42 लाख डॉलर का फर्जी इंश्योरेंस क्लेम किया. 2024 में ही शक होने पर जांच शुरू हुई, जिसे 'ऑपरेशन बेयर क्लॉ' नाम दिया गया. नवंबर 2024 में चारों आरोपी गिरफ्तार हुए. बाद में 16 अप्रैल 2026 को तीन आरोपियों को 180 दिन की जेल, 2 साल की प्रोबेशन और पैसे लौटाने की सजा सुनाई गई, जबकि चौथे आरोपी का मामला अभी जारी है.
 

Advertisement

इतना ही नहीं, आरोपी ने मांस काटने वाले चाकुओं की मदद से कारों के अंदरूनी हिस्सों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया, ताकि असली हमले जैसा लगे. इसके बाद तीन लोगों ने मिलकर अलग-अलग इंश्योरेंस कंपनियों को करीब 1.42 लाख डॉलर (लगभग 1.2 करोड़ रुपये) का फर्जी क्लेम भेजा.

देखें वीडियो

इस मामले में अल्फिया ज़करमैन, रूबेन टैमरज़ियन और वाहे मुरादखान्यान को दोषी पाया गया. तीनों ने फेलोनी इंश्योरेंस फ्रॉड के आरोप में ‘नो कॉन्टेस्ट’ प्ली दी.

अप्रैल 2026 में कोर्ट ने तीनों को 180 दिनों की जेल (वीकेंड जेल प्रोग्राम), दो साल की प्रोबेशन और नुकसान की भरपाई (रिस्टिट्यूशन) का आदेश दिया. इनमें से दो आरोपियों को 50,000 डॉलर से ज्यादा की रकम लौटानी होगी. वहीं चौथे आरोपी अरारात चिरकिनियन के खिलाफ मामला अभी भी जारी है.

कैलिफोर्निया इंश्योरेंस कमिश्नर ने कहा कि यह मामला जितना अजीब लग रहा था, उतना ही असल में था. लेकिन आखिरकार जांच एजेंसियों ने सच्चाई सामने ला दी और आरोपियों को सजा दिलाई.

2024 में हुई इस घटना का फैसला अब सामने आया है, जिसने एक बार फिर दिखा दिया कि कितना भी फिल्मी प्लान क्यों न हो, कानून की नजर से बचना आसान नहीं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »