न फोन, न रील्स, ना ही किसी से बात! 8 घंटे बेड पर चुपचाप रही महिला, जीता 1 लाख का इनाम

आज के समय में बिना मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के रहना लगभग असंभव सा लगता है. हर पल ये इंसान की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गए हैं. लेकिन सोचिए, अगर ऐसी प्रतियोगिता आयोजित हो, जिसमें शर्त हो कि आपको बिना मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के 8 घंटे गुजारने हैं और इसे पूरा करने पर इनाम भी मिलेगा?

Advertisement
महिला ने अजीबोगरीब कॉम्पिटिशन में जीते 1.2 लाख रुपये-( सांकेतिक तस्वीर-pexel) महिला ने अजीबोगरीब कॉम्पिटिशन में जीते 1.2 लाख रुपये-( सांकेतिक तस्वीर-pexel)

aajtak.in

  • ,
  • 10 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 11:11 AM IST

आज के समय में बिना मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के रहना लगभग असंभव सा लगता है. हर पल ये इंसान की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गए हैं. लेकिन सोचिए, अगर ऐसी प्रतियोगिता आयोजित हो, जिसमें शर्त हो कि आपको बिना मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के 8 घंटे गुजारने हैं और इसे पूरा करने पर इनाम भी मिलेगा?

चीन में हुई अनोखी प्रतियोगिता

Advertisement

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, 29 नवंबर को चीन के चोंगक्विंग नगरपालिका में ऐसी ही एक अनोखी प्रतियोगिता आयोजित की गई. इसमें प्रतिभागियों को बिना मोबाइल, लैपटॉप और आईपैड जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के 8 घंटे बिताने थे. इस दौरान उन्हें केवल टॉयलेट ब्रेक के लिए बिस्तर छोड़ने की अनुमति थी, वह भी केवल 5 मिनट के लिए.

जीत के लिए क्या थी शर्त

प्रतियोगिता में 100 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया. इसे एक मॉल के अंदर बेडिंग स्टोर में आयोजित किया गया था. शर्त यह थी कि प्रतिभागियों को न तो गहरी नींद लेनी थी और न ही किसी तरह की बेचैनी या तनाव दिखाना था. उनकी कलाई पर स्ट्रैप बांधे गए थे, जो उनके तनाव और एंग्जायटी को मापते थे. प्रतियोगिता के दौरान 9 लोग एक-एक करके बाहर हो गए, लेकिन एक महिला ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 100 में से 88.99 अंक हासिल कर जीत दर्ज की. विजेता को 10,000 युआन (लगभग 1.2 लाख रुपये) का कैश प्राइज मिला.

Advertisement

आयोजकों के मुताबिक, महिला ने गहरी नींद नहीं ली, बेड पर पर्याप्त समय बिताया और बेहद कम टॉयलेट ब्रेक लिए. विजेता महिला ने कहा कि वह अपने खाली समय में बच्चों को पढ़ाती हैं और हमेशा कोशिश करती हैं कि मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का कम से कम इस्तेमाल करें.इस अनोखी प्रतियोगिता का मकसद ये भी था इंसान बिना तकनीक के भी वक्त बिताना सीखें. 

डिजिटल डिटॉक्स की क्यों पड़ रही है जरूरत!
यह पहली बार नहीं है जब चीन में बिना मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जिंदगी जीने का ढंग सिखाया जा रहा हो. इसके लिए वहां अक्सर मुहिम चलाई जाती है. साल की शुरुआत में, एक चीनी पीएचडी छात्र, जो यूके में पढ़ाई कर रहे थे, ने बिना किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल किए 134 दिनों में चीन के 24 मुख्य प्रांतों की यात्रा की थी.

दक्षिण कोरिया की 'स्पेस-आउट कंपिटिशन'
दक्षिण कोरिया में भी, 2014 से 'स्पेस-आउट कंपिटिशन' आयोजित की जा रही है. इसमें लोग सियोल की भीड़भाड़ वाली जगहों पर गीले योगा मैट पर बैठकर, बिना कुछ किए बस खाली जगह में घूरते रहते हैं. इस प्रतियोगिता की एकमात्र शर्त है कि प्रतिभागी कुछ भी न करें और सोएं भी नहीं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »