आज के समय में लोग मानते हैं कि अच्छी शिक्षा, सफल करियर और आर्थिक रूप से मजबूत होना जीवन में सफलता की पहचान है. लेकिन चीन में सामने आई एक घटना ने यह दिखाया है कि कई जगहों पर शादी के मामले में अब भी पुराने सामाजिक सोच और मान्यताएं हावी हैं. हाल ही में चीन की एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि यह महिला सालाना लगभग 5 लाख युआन कमाती है, जो भारतीय रुपये में करीब 60 लाख रुपये के बराबर है. उसके पास अच्छी नौकरी, शानदार शिक्षा और आर्थिक स्थिरता है. इसके बावजूद उसे शादी के लिए लगातार रिजेक्शन का सामना करना पड़ रहा है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला एक साप्ताहिक 'ब्राइड मार्केट' यानी विवाह बाजार में पहुंची थी. यहां लोग अपने बेटे-बेटियों के लिए जीवनसाथी की तलाश करते हैं. इस दौरान कई परिवारों ने उसे केवल इसलिए पसंद नहीं किया क्योंकि उसकी उम्र 30 साल से अधिक है. बार-बार रिजेक्शन मिलने के बाद महिला भावुक हो गई और वहीं रोने लगी. यह दृश्य देखकर वहां मौजूद कई लोग भी हैरान रह गए.
ब्राइड मार्केट में भावुक होकर रो पड़ी महिला
चीन के कुछ शहरों में ऐसे मैरिज मार्केट काफी लोकप्रिय हैं. यहां माता-पिता अपने बच्चों की जानकारी लेकर पहुंचते हैं और संभावित रिश्तों पर चर्चा करते हैं. कई मामलों में लड़के या लड़की की राय से ज्यादा महत्व माता-पिता की पसंद को दिया जाता है. इन बाजारों में उम्र, ऊंचाई, वैवाहिक स्थिति, सैलरी और पारिवारिक पृष्ठभूमि जैसी बातों को बहुत महत्व दिया जाता है.
महिला के मामले में सबसे दिलचस्प बात यह है कि उसकी सैलरी काफी अच्छी है और वह अपने करियर में सफल मानी जाती है. आमतौर पर माना जाता है कि आर्थिक रूप से मजबूत व्यक्ति को जीवनसाथी ढूंढने में आसानी होगी. लेकिन यहां उसकी उपलब्धियों की बजाय उसकी उम्र पर ज्यादा ध्यान दिया गया. कई परिवारों का मानना था कि 30 साल से अधिक उम्र की महिला शादी के लिए आदर्श नहीं होती.
उम्र पर भारी पड़ी शिक्षा और शानदार करियर
इस घटना ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी है. बहुत से लोगों ने महिला के समर्थन में अपनी राय रखी. उनका कहना है कि किसी व्यक्ति का मूल्य उसकी उम्र से नहीं, बल्कि उसके व्यक्तित्व, शिक्षा, सोच और जीवन में हासिल की गई उपलब्धियों से तय होना चाहिए. कई यूजर्स ने यह भी कहा कि आधुनिक समाज में महिलाओं को केवल शादी और उम्र के आधार पर आंकना गलत है. दूसरी ओर कुछ लोगों का मानना है कि विवाह से जुड़ी पारंपरिक सोच कई परिवारों में आज भी गहराई से मौजूद है. इसलिए ऐसे मामलों में उम्र को प्राथमिकता दी जाती है. हालांकि नई पीढ़ी के लोग इस सोच को बदलने की कोशिश कर रहे हैं.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बड़ी बहस
यह घटना सिर्फ चीन की नहीं है. दुनिया के कई देशों में महिलाएं उम्र, शादी और सामाजिक अपेक्षाओं को लेकर दबाव महसूस करती हैं. अक्सर उनसे यह उम्मीद की जाती है कि वे एक निश्चित उम्र तक शादी कर लें, चाहे उनके व्यक्तिगत लक्ष्य या करियर कुछ भी हों. इस महिला की कहानी हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या आज भी समाज में किसी व्यक्ति की सफलता से ज्यादा उसकी उम्र को महत्व दिया जाना चाहिए. बदलते दौर में जरूरत इस बात की है कि लोगों को उनकी योग्यता, सोच और इंसानियत के आधार पर आंका जाए, न कि केवल उम्र जैसी बातों के आधार पर. यही सोच समाज को अधिक आधुनिक और समानता वाला बना सकती है.
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