'पापा, आपने मेरी जिंदगी बना दी...' बेटी ने सुनाई पिता के संघर्ष की भावुक कहानी

35 साल तक ऑटो चलाकर अपनी बेटियों को पढ़ाने वाले एक पिता की कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रही है. बेटी ने बताया कि पिता ने शादी के लिए पैसे जोड़ने के बजाय उनकी पढ़ाई और आत्मनिर्भरता पर भरोसा किया.

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वह लिखती है कि उन्होंने हमें आत्मनिर्भर बनना सिखाया (Photo:Insta/@arthasfirstbites) वह लिखती है कि उन्होंने हमें आत्मनिर्भर बनना सिखाया (Photo:Insta/@arthasfirstbites)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:35 PM IST

माता-पिता अक्सर अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए ऐसे त्याग करते हैं, जिनकी चर्चा कभी नहीं होती. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसी ही कहानी लाखों लोगों को भावुक कर रही है. इसमें एक बेटी ने अपने पिता को श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि कैसे 35 साल तक ऑटो रिक्शा चलाने वाले उनके पिता ने अपनी पूरी जिंदगी बेटियों के सपनों को पूरा करने में लगा दी.

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यह वीडियो इंस्टाग्राम पेज Growing with Artha ने शेयर किया है. वीडियो में बेटी लिखती है कि मेरे पापा पिछले 35 साल से ऑटो चला रहे हैं. जब भी मैं बेंगलुरु लौटती हूं, वह आज भी मुझे अपने ऑटो से बस स्टैंड छोड़ने आते हैं.

शादी के लिए नहीं, बेटियों की पढ़ाई पर लगाया पैसा

बेटी बताती है कि नर्सरी से लेकर डिग्री तक की पढ़ाई पिता की मेहनत की कमाई से पूरी हुई. आसपास के कई परिवार जहां बेटियों की शादी के लिए पैसे जोड़ रहे थे, वहीं उनके पिता ने बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दी.

लेकिन बेटी के मुताबिक, सबसे बड़ा तोहफा सिर्फ पढ़ाई नहीं था.

वह लिखती है कि उन्होंने हमें आत्मनिर्भर बनना सिखाया. उन्होंने कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि बेटियां होने की वजह से हम कुछ नहीं कर सकतीं. उन्होंने हम पर भरोसा किया, अकेले सफर करने दिया, अपने फैसले लेने की आजादी दी और आत्मविश्वास के साथ जिंदगी जीना सिखाया.

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कोरोना में शुरू किया फार्म, आज पिता ही संभाल रहे हैं

बेटी बताती है कि आज वह और उनकी बहन अपने-अपने करियर में अच्छा कर रही हैं. कोरोना महामारी के दौरान दोनों बहनों ने माता-पिता के लिए एक फार्म शुरू किया, जिसे अब उनके पिता पूरे समर्पण के साथ संभाल रहे हैं.

जब बेटी मां बनी तो पिता ने फिर निभाई जिम्मेदारी

बेटी ने अपनी जिंदगी का एक और भावुक पल साझा किया. मां बनने के बाद वह नौकरी छोड़ने को लेकर दुविधा में थीं. तभी उनके पिता ने कहा कि हम तुम्हारे बच्चे को पालने में मदद करेंगे, तुम नौकरी मत छोड़ो.इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी यानी बेटी की मां को बेंगलुरु भेज दिया, ताकि वह अपनी नातिन की देखभाल कर सकें.

देखें पोस्ट

बेटी बताती है कि जब उनकी मां बेंगलुरु में रहती हैं, तब उनके पिता अकेले घर संभालते हैं. वह राशन की दुकान चलाते हैं, खेती की देखभाल करते हैं, खाना बनाते हैं, घर का काम करते हैं और दिन में ऑटो भी चलाते हैं. शाम को लौटकर फिर दुकान खोल लेते हैं.

वीडियो के आखिर में बेटी लिखती है, "अब मुझे समझ आया है कि माता-पिता का सबसे बड़ा उपहार पैसा नहीं, बल्कि बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना और जिंदगीभर उनके साथ खड़े रहना है.

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लोगों ने क्या कहा

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. एक यूजर ने लिखा कि यही एक असली पिता की पहचान है. इस महान इंसान को मेरा सलाम.दूसरे यूजर ने लिखा कि आप बहुत खुशकिस्मत हैं. भगवान आपके परिवार को हमेशा खुश रखे.एक अन्य यूजर ने कहा कि ऐसे माता-पिता को कभी हल्के में मत लीजिए.

वहीं एक कमेंट में लिखा गया कि आपके वीडियो ने मेरी आंखों में आंसू ला दिए. माता-पिता हमारे लिए कितने बड़े त्याग करते हैं, इसका एहसास अक्सर देर से होता है.

यही वजह है कि यह वीडियो सिर्फ वायरल नहीं हो रहा, बल्कि हजारों लोगों को अपने माता-पिता के संघर्ष और प्यार की याद भी दिला रहा है.

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