आपके घर का CCTV कैमरा भी हो सकता है हैक! एक छोटी गलती लीक कर सकती है प्राइवेट वीडियो

घर में सीसीटीवी कैमरा लोग धड़ल्ले से लगा रहे हैं. भारत में प्राइवेसी को लेकर उतना अवेयरनेस नहीं है. इसलिए आम तौर पर जिस वेंडर से लोग कैमरा लगवाते हैं वो सालों तक आपके घर के अंदर की वीडियोज देख सकता है. आइए जानते हैं इससे कैसे बचा जाए.

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CCTV कैमरा हैक हो सकता है! CCTV कैमरा हैक हो सकता है!

आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 13 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:37 PM IST

पहले सीसीटीवी कैमरे ऑफिस और पब्लिक प्लेस पर ज्यादा लगाए जाते थे. अब सीसीटीवी कैमरे सस्ते हो चुके हैं. 1000 रुपये से इनकी शुरुआती कीमत है. ऐसे में लोग धड़ल्ले से सीसीटीवी कैमरे लेकर अपने घरों में लगा रहे हैं. 

अब घरों, फ्लैट, सोसाइटी, बच्चों के कमरे और यहां तक कि पालतू जानवरों पर नजर रखने के लिए भी लोग Wi-Fi वाले स्मार्ट CCTV कैमरे लगा रहे हैं. मोबाइल ऐप से कहीं से भी लाइव वीडियो देखना आसान हो गया है. लेकिन यही सर्विस कई बार सबसे बड़ा खतरा भी बन सकती है. अगर कैमरा सही तरीके से सिक्योर नहीं है, तो कोई दूसरा शख्स भी आपकी लाइव फीड या रिकॉर्डिंग तक पहुंच सकता है.

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हाल ही में ये खबर आई कि भारत में लगे सीसीटीवी के विजुअल्स पाकिस्तान और चीन जा रहे हैं. इसके पीछे भी सीसीटीवी कैमरे की कमजोर सिक्योरिटी बताया गया. रिपोर्ट्स में कहा गया कि सरकार ने कई चीनी सीसीटीवी को बैन किया है, लेकिन ऐसा नहीं है. अभी भी चीनी कंपनियां सीसीटीवी कैमरे बेच रही हैं. 

भारत के CCTV कैमरे लापरवाही की वजह से होते हैं ज्यादा हैक

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स लंबे समय से चेतावनी देते आ रहे हैं कि इंटरनेट से जुड़े IP कैमरे और स्मार्ट कैमरे गलत सेटिंग्स, कमजोर पासवर्ड या पुराने सॉफ्टवेयर की वजह से हैक हो सकते हैं.

अमेरिका की Federal Trade Commission (FTC) भी कहती है कि स्मार्ट कैमरा खरीदते समय उसकी सिक्योरिटी फीचर्स पर ध्यान देना उतना ही जरूरी है, जितना उसके वीडियो की क्वालिटी पर. 

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भारत में भी ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, जहां कमजोर सिक्योरिटी वाले कैमरों में खामियां मिली हैं. हाल ही में CERT-In ने कुछ Wi-Fi कैमरों में ऐसी कमजोरी की जानकारी दी थी, जिससे अटैकर कुछ परिस्थितियों में डिवाइस की सेंसिटिव जानकारी तक पहुंच सकते थे. इसके बाद यूजर्स को तुरंत फर्मवेयर अपडेट करने की सलाह दी गई. 

सीसीटीवी इंस्टॉल करने वाले के पास भी पासवर्ड

समस्या सिर्फ कैमरे की नहीं होती. कई बार इंस्टॉल करने वाला लोकल वेंडर भी अनजाने में जोखिम बढ़ा देता है. कुछ मामलों में सभी कस्टमर के लिए एक जैसा एडमिन पासवर्ड रखा जाता है या इंस्टॉलेशन के बाद डिफॉल्ट पासवर्ड बदला ही नहीं जाता.

अगर ऐसा है, तो कोई भी शख्स जिसे वह पासवर्ड पता हो, कैमरे तक पहुंचने की कोशिश कर सकता है. यही वजह है कि इंस्टॉलेशन के बाद सबसे पहला काम कैमरे और उससे जुड़े ऐप का पासवर्ड बदलना होना चाहिए.

कैमरे की सिक्योरिटी से ना करें खिलवाड़

एक और बड़ी गलती यह होती है कि लोग कैमरे का वही पासवर्ड रखते हैं जो उनके ईमेल या दूसरे अकाउंट का होता है. अगर किसी एक वेबसाइट से पासवर्ड लीक हो जाए, तो वही पासवर्ड कैमरे पर भी आजमाया जा सकता है. इसलिए CCTV कैमरे के लिए हमेशा अलग और मजबूत पासवर्ड रखें. अगर कंपनी टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) देती है, तो उसे जरूर चालू करें. 

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कई सस्ते कैमरे पुराने सॉफ्टवेयर पर चलते रहते हैं. समय-समय पर कंपनियां सिक्योरिटी से जुड़ी कमियों को ठीक करने के लिए अपडेट जारी करती हैं, लेकिन बहुत से लोग कभी अपडेट ही नहीं करते. इससे कैमरा लंबे समय तक पुरानी सिक्योरिटी कमियों के साथ चलता रहता है. इसलिए कैमरे और उसके मोबाइल ऐप दोनों को हमेशा अपडेट रखें. 

अगर आपके कैमरे को देखने के लिए इंटरनेट पर सीधे एक्सेस दिया गया है या राउटर में एक्स्ट्रा पोर्ट खुले हुए हैं, तो जोखिम और बढ़ सकता है. सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि कैमरे को सीधे इंटरनेट पर एक्सपोज न करें. जहां तक मुमकिन हो, सिक्योर ऐप, एन्क्रिप्टेड कनेक्शन (HTTPS) और जरूरत पड़ने पर VPN का इस्तेमाल करें. 

इन जगहों पर ना लगाएं CCTV कैमरा

एक और बात जिस पर कम लोग ध्यान देते हैं, वह है कैमरे की जगह. अगर कैमरा बेडरूम, बच्चों के कमरे या घर के ऐसे हिस्से में लगा है जहां निजी गतिविधियां होती हैं, तो उसका हैक होना सिर्फ डेटा का नहीं बल्कि आपकी निजी जिंदगी का भी खतरा बन सकता है. इसलिए ऐसी जगहों पर कैमरा लगाने से पहले सोच-समझकर फैसला लें और जरूरत न होने पर कैमरे का रिमोट एक्सेस बंद रखें. 

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कैमरा खरीदते समय सिर्फ कीमत या मेगापिक्सल न देखें. यह भी देखें कि कंपनी रेग्यूलर सिक्योरिटी अपडेट देती है या नहीं, डेटा एन्क्रिप्शन का सपोर्ट है या नहीं, 2FA मिलता है या नहीं और उसका मोबाइल ऐप कितना भरोसेमंद है.

बहुत सस्ते और बिना पहचान वाले ब्रांड शुरुआती समय में अच्छे लग सकते हैं, लेकिन लंबे समय में सुरक्षा के लिहाज से जोखिम बढ़ा सकते हैं. हाल के सिक्योरिटी अनालिसिस में भी कम कीमत वाले कुछ IP कैमरों में गंभीर कमजोरियां सामने आई हैं. 

अगर आपके घर में पहले से स्मार्ट CCTV कैमरा लगा है, तो आज ही कुछ मिनट निकालकर उसका पासवर्ड बदलें, सॉफ्टवेयर अपडेट करें, अनजान यूजर अकाउंट हटाएं और देखें कि रिमोट एक्सेस की जरूरत है भी या नहीं. छोटी-सी सावधानी आपकी निजी वीडियो, परिवार की गोपनीयता और पूरे होम नेटवर्क को बेहतर तरीके से सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है.

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