Meta ने अपने नए स्मार्ट ग्लासेस लॉन्च कर दिए हैं. ये कंपनी के सबसे सस्ते स्मार्ट एआई ग्लासेस हैं. हालांकि Meta-Rayban की तरह इस बार RayBan की ब्रांडिंग नहीं मिलेगी. ये सिर्फ मेटा की ब्रांडिंग के साथ आता है और इसकी कीमत भी Meta RayBan के मुकाबले कम है.
ये नए ग्लासेस EssilorLuxottica के साथ पार्टनरशिप में बनाए गए हैं, जो दुनिया की सबसे बड़ी आईवियर कंपनी है. दरअसल EssilorLuxottica वही कंपनी है जो RayBan ग्लासेस बनाती है.
इन स्मार्ट ग्लासेस की शुरुआती कीमत 299 डॉलर रखी गई है, यानी भारतीय रुपये में करीब 25 हजार के आसपास. अभी इसकी भारतीय कीमत का ऐलान नहीं हुआ है और ये भी नहीं पता है कि ये भारत में लॉन्च कब होगा.
इन ग्लासेस में 12 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है, जो 1080p वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है. फोटो और वीडियो सीधे फोन में ट्रांसफर हो जाते हैं और यूजर उन्हें वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम या फेसबुक पर तुरंत शेयर कर सकता है.
यही नहीं, इन ग्लासेस से लाइव स्ट्रीमिंग भी की जा सकती है, जिससे यूजर जो देख रहा है वही रियल टाइम में दूसरों को दिखा सकता है. ऑडियो के लिए इसमें ओपन-ईयर स्पीकर्स दिए गए हैं.
इसका मतलब है कि आपको अलग से इयरफोन लगाने की जरूरत नहीं है. आप कॉल कर सकते हैं, म्यूजिक सुन सकते हैं और आसपास की आवाज भी सुन सकते हैं. इसमें 5 माइक्रोफोन का सिस्टम है, जो कॉलिंग और वॉइस कमांड के दौरान साफ आवाज देता है.
इन ग्लासेस में Meta AI को इंटीग्रेट किया गया है. यूजर Hey Meta बोलकर एआई से सवाल पूछ सकता है. खास बात ये है कि एआई सिर्फ आपकी बात नहीं सुनता, बल्कि कैमरे से जो आप देख रहे हैं उसे भी समझता है. यानी अगर आप किसी चीज की तरफ देख रहे हैं, तो AI आपको उसी के बारे में जानकारी दे सकता है.
यह फीचर मेटा को गूगल और ऐपल से अलग बनाता है. ऐपल जहां Vision Pro जैसे बड़े और महंगे डिवाइस पर काम कर रहा है, वहीं मेटा रोजमर्रा के इस्तेमाल वाला हल्का और पहनने लायक डिवाइस बना रहा है.
इन ग्लासेस में करीब 32GB स्टोरेज दी गई है, जिसमें सैकड़ों फोटो और वीडियो सेव किए जा सकते हैं. बैटरी लाइफ लगभग 4 घंटे की है, जबकि साथ में मिलने वाला चार्जिंग केस इसे पूरे दिन चलाने में मदद करता है.
डिजाइन की बात करें तो Meta ने फैशन पर खास ध्यान दिया है. कंपनी ने इसे ऐसे बनाया है कि यह बिल्कुल सामान्य चश्मे जैसा दिखे. कंपनी ने पॉप कल्चर और सेलिब्रिटी अपील को ध्यान में रखते हुए काइली जेनर जैसे नामों को भी प्रमोशन से जोड़ा है, ताकि यह सिर्फ टेक डिवाइस नहीं बल्कि एक लाइफस्टाइल प्रोडक्ट बन सके.
इस तरह के स्मार्ट ग्लासेस प्राइवेसी को लेकर सवाल भी खड़े करते हैं. कैमरा हमेशा आपके साथ रहेगा, माइक्रोफोन हमेशा एक्टिव रह सकता है और AI लगातार आपके आसपास की चीजों को समझ रहा होगा.
मेटा ने इसमें LED इंडिकेटर दिया है, जो कैमरा ऑन होने पर जलता है, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह पूरी तरह से प्राइवेसी की गारंटी नहीं देता. क्योंकि डेटा सिर्फ रिकॉर्ड नहीं होता, बल्कि प्रोसेस भी होता है.
गौरतलब है कि कई रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया है कि मेटा अपने स्मार्ट ग्लासेस का डेटा देखता है. यानी यूजर्स डेटा ट्रेनिंग के नाम पर वहां बैठे लोग देख और पढ़ रहे होते हैं. कई बार कंपनी पर ऐसे इल्जाम लगते आए हैं.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क