पूर्व चीफ सेलेक्टर संदीप पाटिल ने किया कप्तान धोनी और सचिन तेंदुलकर पर धमाकेदार खुलासा

टीम इंडिया के पूर्व चीफ सेलेक्टर संदीप पाटिल ने एक इंटरव्यू में वो खुलासे किए हैं जिससे उनके कार्यकाल के दौरान टीम के अंदर की कई विवादित घटनाओं से पर्दा उठ गया है. इस दौरान संदीप पाटिल ने पूर्व टेस्ट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर पर एक धमाकेदार खुलासा किया.

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भारत के सबसे सफल कप्तान हैं महेंद्र सिंह धोनी भारत के सबसे सफल कप्तान हैं महेंद्र सिंह धोनी

अभिजीत श्रीवास्तव

  • नई दिल्ली,
  • 22 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 5:16 PM IST

टीम इंडिया के पूर्व चीफ सेलेक्टर संदीप पाटिल ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में वो खुलासे किए हैं जिससे उनके कार्यकाल के दौरान टीम के अंदर की कई विवादित घटनाओं से पर्दा उठ गया है. इस दौरान संदीप पाटिल ने पूर्व टेस्ट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर पर एक धमाकेदार खुलासा किया. इस दौरान संदीप पाटिल ने टेस्ट क्रिकेट से धोनी का अचानक संन्यास लेने पर भी बोले और साथ ही युवराज और गंभीर पर वो खुलासा कर गए जिस पर कई सालों से मीडिया में अटकलें लगाई जाती रही हैं.

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इस दौरान संदीप पाटिल ने एक ऐसा खुलासा किया जिससे पूरा हिंदुस्तान उस दौर में अन्जान रहा. 2012 में सेलेक्टर्स ने सचिन तेंदुलकर को भारतीय टीम से हटाए जाने पर चर्चा की थी. पाटिल ने कहा, ‘दिसंबर 2012 में हम सचिन तेंदुलकर से मिले और उनसे उनके भविष्य की योजना पर बात की. सचिन के दिमाग में तब रिटायरमेंट की बात नहीं थी. लेकिन तब चयन समिति में सचिन पर एक सहमति बन गई थी और बोर्ड को इसकी सूचना भी दे दी गई थी. तब तक सचिन के समझ में आ चुका था कि सेलेक्टर्स क्या चाहते हैं और अगली मीटिंग में उन्होंने वनडे से रिटायरमेंट लेने की बात कह दी.’

पाटिल ने कहा, ‘अगर तब सचिन खुद रिटायरमेंट लेने का मन नहीं बनाते तो हम निश्चित ही उन्हें ड्रॉप करने वाले थे. हालांकि यह एक दिन या एक महीने या एक साल में न होकर दो सालों में हुआ. सचिन 2013 में रिटायर हुए.’

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संदीप पाटिल ने इस दौरान यह भी खुलासा किया चयन समिति ने महेंद्र सिंह धोनी को कप्तानी से हटाने पर भी चर्चा की थी. उन्होंने कहा, ‘बेशक हमने इस पर (धोनी को कप्तानी से हटाने पर) संक्षिप्त चर्चा की थी लेकिन हमने सोचा कि इसके लिए समय सही नहीं है कि क्योंकि 2015 वर्ल्ड कप पास में है.’ उन्होंने कहा, ‘हमें महसूस हुआ कि नए कप्तान को कुछ समय दिया जाना चाहिए. वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए हमने धोनी को कप्तान बनाए रखा. मेरा मानना है कि विराट को सही समय पर कप्तानी मिली. विराट छोटे फॉर्मेट में भी टीम की अगुवाई कर सकता है लेकिन अब इसका फैसला नई चयनसमिति को करना होगा.’


पाटिल ने धोनी के टेस्ट से संन्यास लेने के फैसले को हैरान करने वाला बताया क्योंकि टीम ऑस्ट्रेलिया में तब जूझ रही थी. उन्होंने कहा, ‘वह मुश्किल सीरीज थी. मैं यह नहीं कहूंगा कि धोनी एक डूबते जहाज के कप्तान थे लेकिन चीजें हमारे अनुकूल नहीं हो रही थीं. ऐसे में हमारा एक सीनियर खिलाड़ी संन्यास का फैसला करता है. यह हैरान करने वाला था लेकिन आखिर में यह उनका निजी फैसला था.’


इस दौरान पाटिल ने यह भी साफ कर दिया कि इस बात में कोई दम नहीं है कि युवराज सिंह और गौतम गंभीर जैसे सीनियर खिलाड़ियों को टीम से बाहर किए जाने में धोनी का हाथ था. उन्होंने कहा, ‘मीडिया में आई इस तरह की रिपोर्ट्स से मैं आहत रहता था जिसमें रिपोर्ट लिखी जाती थी कि युवी और गौती धोनी की वजह से हटाए गए.’

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उन्होंने कहा, ‘उन्हें टीम से बाहर करने का फैसला पूरी तरह से चयनकर्ताओं का था तथा धोनी ने गंभीर और युवराज को बाहर करने को लेकर कोई बात नहीं की. दोनों कप्तानों ने कभी किसी खिलाड़ी का विरोध नहीं किया.’


इस दौरान पूर्व चीफ सेलेक्टर संदीप पाटिल से यह भी पूछा गया कि धोनी और कोहली की कप्तानी को वो कैसे देखते हैं तो उन्होंने कहा, ‘कप्तानी के मामले में दोनों दो छोर पर खड़े हैं. एक ऑर्थ पोल पर है तो दूसरा साउथ पोल पर. सभी कप्तान अपनी खुद की टीम बनाना चाहते हैं. साथ ही अपने टीम की क्षमता भी भली भांति पहचानते हैं. विराट एंग्री यंग मैन हैं लेकिन वो अपनी आक्रामकता पर नियंत्रण भी रखते हैं. धोनी शांत रहते हैं लेकिन हमेशा अपने दिमाग में चल रही की बात बोलते हैं.’

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