नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में डी गुकेश ने मैग्नस कार्लसन को दी मात, हताशा में टेबल पर मुक्का मारते दिखे पूर्व वर्ल्ड नंबर-1

यह गुकेश के लिए कमबैक विन रही, जो नॉर्वे चेस के पहले दौर में काले मोहरों से खेलते हुए मैग्नस कार्लसन से हार गए थे- यह छह खिलाड़ियों की राउंड-रॉबिन प्रतियोगिता है. नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में दो वर्षों में यह दूसरी बार है जब किसी युवा भारतीय खिलाड़ी ने क्लासिक फॉर्मेट में कार्लसन को हराया है. पिछले साल आर. प्रग्गनानंदा ने उन्हें इसी टूर्नामेंट में मात दी थी.

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डी गुकेश ने नॉर्वे शतरंज 2025 में मैग्नस कार्लसन को हराया.  (Screengrab from X) डी गुकेश ने नॉर्वे शतरंज 2025 में मैग्नस कार्लसन को हराया. (Screengrab from X)

aajtak.in

  • स्टावेंजर ,
  • 02 जून 2025,
  • अपडेटेड 3:15 PM IST

विश्व चैंपियन डोमाराजू गुकेश ने नॉर्वे चेस 2025 टूर्नामेंट के छठे दौर में पूर्व वर्ल्ड नंबर वन मैग्नस कार्लसन को अपने करियर में पहली बार क्लासिकल टाइम कंट्रोल में हराकर शानदार जीत हासिल की. सफेद मोहरों से खेलते हुए भारत के इस युवा खिलाड़ी ने दबाव में भी गेम पर अपनी पकड़ बनाए रखी और अंतिम राउंड में 34 वर्षीय नॉर्वेजियन ग्रैंडमास्टर की दुर्लभ गलती का फायदा उठाते हुए इसे यादगार जीत में बदल दिया. स्टावेंजर में घरेलू दर्शकों के सामने खेल रहे कार्लसन गेम में अधिकांश समय गुकेश डी के खिलाफ अपर हैंड बनाए हुए थे और बेहतर स्थिति में दिख रहे थे.

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लेकिन गुकेश ने अनुशासन और धैर्य के साथ कार्लसन की हर चाल का बचाव किया और फिर सटीक जवाबी हमले से खेल का रुख बदल दिया. इस टूर्नामेंट में टाइम कंट्रोल का नियम लागू होता है यानी यहां बिना समय लिए तेजी से अपनी चालें चलनी होती हैं. कार्लसन टूर्नामेंट के इसीद नियम के चलते लड़खड़ा रहे थे. उनकी इस कमजोरी का गुकेश ने फायदा उठाया और गेम के अंतिम राउंड में उन्हें मात दे दी. इस जीत से गुकेश बहुत खुश नजर आए. प्लेइंग एरिना की लॉबी में उन्होंने अपने लंबे समय के पोलिश कोच ग्रेजगोर्ज गजेव्स्की को जोरदार हाई पंच के साथ स्वागत किया. 

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यह गुकेश के लिए कमबैक विन रही, जो नॉर्वे चेस के पहले दौर में काले मोहरों से खेलते हुए मैग्नस कार्लसन से हार गए थे- यह छह खिलाड़ियों की राउंड-रॉबिन प्रतियोगिता है. नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में दो वर्षों में यह दूसरी बार है जब किसी युवा भारतीय खिलाड़ी ने क्लासिक फॉर्मेट में कार्लसन को हराया है. पिछले साल आर. प्रग्गनानंदा ने उन्हें इसी टूर्नामेंट में मात दी थी. इस साल, मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश ने कार्लसन को हराया है. कार्लसन खेल के अधिकांश समय नियंत्रण में लग रहे थे, लेकिन स्टावेंजर के अप्रत्याशित मौसम की तरह, सब कुछ पलक झपकते ही बदल गया.

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हंगरियन मूल की महान अमेरिकी चेस प्लेयर सुसान पोल्गर ने गुकेश के हाथों कार्लसन की हार को उनके करियर का सबसे दुखद हार बताया. उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, 'कार्लसन क्लासिकल चेस फॉर्मेट में शायद ही कभी हारते हैं, और वह शायद ही कभी बड़ी गलतियां करते हैं. नॉर्वे में गुकेश के खिलाफ 6वें राउंड में वह काले मोहरों के साथ बहुत अच्छा खेल रहे थे. घड़ी में ज्यादा समय होने के कारण वह जीतने की स्थिति में थे. लेकिन गुकेश ने हार नहीं मानी. उन्होंने संघर्ष जारी रखा और कार्लसन की बढ़त धीरे-धीरे खत्म हो गई. फिर जब दोनों पर समय का दबाव था, तो कार्लसन ने एक बड़ी गलती की जिसकी वजह से उन्हें हारना पड़ा. यह उनके शानदार करियर की सबसे दर्दनाक हार में से एक है. मुझे यकीन है कि वह खुद से बहुत नाराज होंगे.'

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कार्लसन हार से काफी हताश नजर आए. यह पूर्व वर्ल्ड नंबर वन खिलाड़ी अक्सर गुकेश के क्लासिकल गेम और टाइम कंट्रोल के दौरान संयम बनाए रखने की उनकी क्षमता की आलोचना करता रहा था. इसी फॉर्मेट में गुकेश से हार के बाद वह हताशा में चेस बोर्ड पर हाथ पटकते दिखे. कार्लसन को जल्दबाजी में प्रतियोगिता स्थल से बाहर निकलते और अपनी कार में भागते हुए देखा गया. यह कार्लसन के लिए एक करारी हार थी, जो प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के पहले राउंड में सफेद मोहरों से गुकेश को हराने के कुछ ही दिनों बाद आई. गुकेश के खिलाफ पहले राउंड में जीत के बाद, कार्लसन ने सोशल मीडिया पर एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था 'आप किंग के करीब आएं, तो बेहतर है कि चूकें नहीं.' प्रशंसकों ने इस पोस्ट को इस तरह समझा कि कार्लसन खुद को क्लासिकल चेस का 'किंग' कह रहे हैं.

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