'फुटबॉल में नस्लवाद बर्दाश्त नहीं...', एम्बाप्पे के समर्थन में उतरे FIFA अध्यक्ष, नस्लीय टिप्पणी की कड़ी निंदा की

FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने कीलियन एम्बाप्पे के खिलाफ हुई नस्लीय टिप्पणी की कड़ी निंदा की है. फीफा ने कहा कि फुटबॉल में नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं है और एम्बाप्पे के समर्थन में खुलकर सामने आया.

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कीलियन एम्बाप्पे पर की गई नस्लीय टिप्पणी (Photo: Reuters) कीलियन एम्बाप्पे पर की गई नस्लीय टिप्पणी (Photo: Reuters)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 07 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:00 PM IST

FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने फ्रांस के स्टार फुटबॉलर कीलियन एम्बाप्पे के खिलाफ की गई नस्लीय टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने साफ कहा कि फुटबॉल में नस्लवाद और किसी भी तरह के भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है.

यह विवाद तब शुरू हुआ जब पराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिया ने सोशल मीडिया पर एम्बाप्पे को लेकर नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणियां की.  पोस्ट वायरल होने के बाद दुनियाभर में इसकी आलोचना हुई और कई खिलाड़ियों एवं संगठनों ने एम्बाप्पे के समर्थन में आवाज उठाई. 

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इन्फेंटिनो ने कहा, 'हम किलियन एम्बाप्पे के खिलाफ की गई नस्लीय टिप्पणियों की पूरी तरह निंदा करते हैं. फीफा हर खिलाड़ी के सम्मान, समानता और गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.'

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एम्बाप्पे ने भी इन टिप्पणियों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें  'घृणित' बताया. वहीं, फ्रेंच फुटबॉल महासंघ (FFF) ने कानूनी कार्रवाई शुरू करने की घोषणा की है. 

फ्रांस सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी एम्बाप्पे का समर्थन किया, जबकि पराग्वे सरकार ने सीनेटर की टिप्पणियों से खुद को अलग करते हुए उनकी आलोचना की.

पराग्वे सरकार ने भी सीनेटर अमारिला के बयान से खुद को अलग कर लिया और स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणियां ना तो देश के मूल्यों का प्रतिनिधित्व करती हैं और न ही सरकार के आधिकारिक रुख को दर्शाती हैं.

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विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि सीनेटर अमारिला की टिप्पणियां शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, आपसी सम्मान और मानव गरिमा के सिद्धांतों के खिलाफ हैं, जिन पर पराग्वे की नीतियां और मूल्य आधारित हैं. यह मामला एक बार फिर खेल जगत में नस्लवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर चर्चा में आ गया है.

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