फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में पहुंची अर्जेंटीना की टीम का जश्न अब नए विवाद में घिर गया है. मैच खत्म होने के बाद अर्जेंटीना के कई खिलाड़ियों ने 'Las Malvinas son Argentinas' (माल्विनास/फॉकलैंड द्वीप अर्जेंटीना का है) लिखा बैनर हाथ में लेकर जश्न मनाया. इस तस्वीर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई.
फॉकलैंड द्वीप (अर्जेंटीना में माल्विनास) को लेकर ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच दशकों पुराना विवाद है. ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ जीत के तुरंत बाद इस तरह का संदेश देने को कई लोगों ने खेल और राजनीति को मिलाने की कोशिश बताया.
खिलाड़ियों ने लहराया विवादित बैनर
मैच के बाद कप्तान क्रिस्टियन रोमेरो, लिसांड्रो मार्टिनेज, जियोवानी लो सेल्सो समेत कई अर्जेंटीनी खिलाड़ी इस बैनर के साथ नजर आए. मिडफील्डर लिएंड्रो परेडेस ने भी मीडिया से बातचीत में कहा, 'माल्विनास हमेशा अर्जेंटीना का था और रहेगा.'
यह पहली बार नहीं है जब अर्जेंटीना की टीम इस मुद्दे को फुटबॉल मैदान पर लेकर आई हो. 2014 में भी स्लोवेनिया के खिलाफ एक दोस्ताना मैच से पहले इसी तरह का बैनर दिखाने पर फीफा ने अर्जेंटीना फुटबॉल महासंघ पर जुर्माना लगाया था.
उपराष्ट्रपति का भी आया बयान
अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति विक्टोरिया विलारुएल ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खिलाड़ियों के जश्न का वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'यह सिर्फ एक फुटबॉल मैच नहीं था. माल्विनास अर्जेंटीना का है. उन्हें स्टेडियम में यह संदेश लाने से रोका जा सकता है, लेकिन हमारे दिलों और खून से नहीं निकाला जा सकता.'
उनकी इस पोस्ट ने भी विवाद को और हवा दे दी.
स्टेडियम के बाहर भी हुआ हंगामा
अटलांटा के मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम के बाहर इंग्लैंड और अर्जेंटीना के समर्थकों के बीच झड़प की भी खबरें सामने आईं. पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और कई लोगों को हिरासत में लिया गया.
क्या है फॉकलैंड द्वीप विवाद?
दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित फॉकलैंड द्वीप पर ब्रिटेन का प्रशासनिक नियंत्रण है, जबकि अर्जेंटीना इस पर अपना दावा करता है और इसे माल्विनास कहता है.
1982 में इसी द्वीप को लेकर दोनों देशों के बीच 74 दिनों तक युद्ध हुआ था. इस संघर्ष में 255 ब्रिटिश सैनिक, तीन स्थानीय नागरिक और 649 अर्जेंटीनी सैनिक मारे गए थे. युद्ध में ब्रिटेन ने जीत हासिल की और तब से फॉकलैंड पर उसका नियंत्रण कायम है. हालांकि अर्जेंटीना आज भी इस क्षेत्र पर अपना दावा बरकरार रखता है.
... और पलट गया मैच
मैच की बात करें तो इंग्लैंड ने दूसरे हाफ में एंथनी गॉर्डन के गोल से बढ़त बना ली थी और ऐसा लग रहा था कि टीम 60 साल बाद विश्व कप फाइनल में पहुंच जाएगी.
लेकिन आखिरी छह मिनट में अर्जेंटीना ने जबरदस्त वापसी की.पहले एंजो फर्नांडीज ने बराबरी का गोल दागा और फिर इंजरी टाइम में लाउतारो मार्टिनेज ने विजयी गोल कर इंग्लैंड का सपना तोड़ दिया. इस जीत के साथ लियोनेल मेसी की अगुआई वाली अर्जेंटीना लगातार दूसरे विश्व कप खिताब की दौड़ में बनी हुई है.
हालांकि मैदान पर मिली इस ऐतिहासिक जीत से ज्यादा चर्चा अब खिलाड़ियों के उस विवादित बैनर की हो रही है, जिसने फुटबॉल के जश्न को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला खड़ा किया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क