स्कोरकार्ड पर सिर्फ 10 गेंदों में 14 रन. पहली नजर में यह किसी साधारण डेब्यू जैसा लग सकता है, लेकिन जिसने मैच देखा, उसने महसूस किया कि वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पहली ही अंतरराष्ट्रीय पारी में भारतीय क्रिकेट के भविष्य की झलक दिखा दी. इस डेब्यू ने एक साथ दो बातें साफ कर दीं- वैभव में बड़े मंच पर बेखौफ खेलने का दम है, लेकिन उन्हें अपनी आक्रामकता के साथ थोड़ा धैर्य भी जोड़ना होगा.
डेब्यू से पहले ही उम्मीदों का पहाड़
वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू कराने को लेकर कई दिनों से जबरदस्त शोर था. सोशल मीडिया से लेकर पूर्व क्रिकेटरों तक हर कोई यही सवाल पूछ रहा था कि आखिर इस युवा बल्लेबाज को मौका कब मिलेगा. यह चर्चा भारतीय ड्रेसिंग रूम तक भी पहुंच चुकी थी. ऐसे माहौल में एक किशोर बल्लेबाज के कंधों पर उम्मीदों का असाधारण बोझ आ गया था. ऐसे दबाव में अक्सर खिलाड़ी अपने स्वाभाविक खेल से भटक जाते हैं, लेकिन वैभव ने शुरुआत से ही दिखा दिया कि वह बड़े मंच से घबराने वालों में नहीं हैं.
विल जैक्स का जाल... और वैभव की एक भूल
वैभव ने क्रीज पर आते ही सकारात्मक इरादे दिखाए और गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की. हालांकि, यहीं उनकी एक छोटी-सी गलती सामने आ गई. इंग्लैंड के स्पिनर विल जैक्स ने उन्हें ऑफ साइड में बड़ा शॉट खेलने के लिए उकसाया और वैभव उसी जाल में फंस गए. क्रीज से बाहर निकलकर उन्होंने जोरदार शॉट लगाने की कोशिश की और अपना विकेट गंवा बैठे.
यही वह पहलू है, जिस पर उन्हें सबसे ज्यादा काम करना होगा. यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था. ऐसे में स्पिन गेंदबाजों को थोड़ा और परखना, पिच के मिजाज को समझना और कुछ गेंदें ज्यादा खेलना शायद बेहतर विकल्प होता. उनके पास बड़े शॉट खेलने की क्षमता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सही समय पर सही जोखिम लेना ही सफल बल्लेबाजों की पहचान होती है.
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14 रन, लेकिन कीमत कहीं ज्यादा
सिर्फ विकेट देखकर उनकी पारी का आकलन करना ठीक नहीं होगा. यह बल्लेबाजी के लिए आसान पिच नहीं थी. पावरप्ले खत्म होने के बाद रन बनाना मुश्किल होता चला गया. गेंद लगातार स्विंग और सीम कर रही थी और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं मिल रहा था. ऐसी परिस्थितियों में उपमहाद्वीप के बल्लेबाजों का संघर्ष कोई नई बात भी नहीं है.
मैच की कठिनाई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया के नंबर-1 टी20 बल्लेबाज ईशान किशन को भी 49 रन तक पहुंचने के लिए 40 गेंदों का सामना करना पड़ा. ऐसे विकेट पर वैभव ने बिना किसी झिझक के अपने शॉट खेले और यह दिखा दिया कि उनमें आत्मविश्वास की कोई कमी नहीं है.
टीम इंडिया को मिल गया बेखौफ बल्लेबाज
भारतीय टीम प्रबंधन के लिए भी यह डेब्यू सकारात्मक संकेत छोड़ गया. छोटी पारी के बावजूद वैभव ने अपनी मानसिकता से प्रभावित किया. यही वजह है कि पांच मैचों की इस टी20 सीरीज के बाकी मुकाबलों में भी उनके लगातार खेलने की पूरी संभावना है.
क्रिकेट में भविष्यवाणी करना आसान नहीं होता, लेकिन पहले ही मैच की झलक यह जरूर बताती है कि अगर वैभव अपनी आक्रामकता के साथ थोड़ा धैर्य जोड़ लें, तो इंग्लैंड के गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना आसान नहीं होगा. उनके पहले इंटरनेशनल मैच ने बता दिया कि वह सिर्फ प्रतिभाशाली नहीं, बल्कि बड़े मंच पर असर छोड़ने वाले बल्लेबाज भी बन सकते हैं. अब इंतजार सिर्फ उस पारी का है, जब वैभव अपनी शुरुआत को शतक या मैच जिताऊ विस्फोटक पारी में बदल देंगे.
विश्व मोहन मिश्र