आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद टीम इंडिया की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी फील्डिंग बनकर सामने आई है. बल्लेबाजी और गेंदबाजी में खराब प्रदर्शन के साथ-साथ भारतीय टीम कैच पकड़ने में लगातार पिछड़ रही है.
हालात ऐसे हैं कि पिछले कुछ मुकाबलों में छोड़े गए आसान कैच टीम की हार की बड़ी वजह बने हैं. देखा जाए तो टी20 वर्ल्ड कप से लेकर अब तक भारतीय फील्डर्स ने टी20 इंटरनेशनल में 24 कैच छोड़े हैं. इनमें से 11 कैच सिर्फ आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे की सात पारियों में छूटे. यानी इस साल के वर्ल्ड कप के बाद भारतीय फील्डर्स 11 कैच छोड़ टपका हैं.
इससे टीम की कैचिंग एफिशिएंसी सिर्फ 72.1% रह गई है, जो शीर्ष टीमों के मुकाबले काफी खराब मानी जा रही है. इंग्लैंड दौरे पर खराब फील्डिंग का असर साफ दिखाई दिया.
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भारतीय खिलाड़ियों ने कई आसान मौके गंवाए, जिसका पूरा फायदा इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने उठाया. कैच छूटने के कारण विपक्ष को बड़ी साझेदारियां बनाने का मौका मिला और भारत को सीरीज में भारी नुकसान उठाना पड़ा.
क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि 'कैच मैच जिताते हैं', लेकिन टीम इंडिया इस मोर्चे पर लगातार फिसल रही है. जब गेंदबाज मेहनत से मौका बनाते हैं और फील्डर उसे छोड़ देते हैं, तो पूरी रणनीति पर पानी फिर जाता है.
यही वजह है कि कोचिंग स्टाफ और टीम मैनेजमेंट के लिए अब फील्डिंग सबसे बड़ी चिंता बन गई है. अब वनडे सीरीज और आने वाले बड़े ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) टूर्नामेंट से पहले भारतीय टीम को अपनी फील्डिंग में तेजी से सुधार करना होगा.
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अगर कैच छोड़ने का सिलसिला नहीं रुका, तो मजबूत बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बावजूद टीम को बड़े मैचों में इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है.
भारत की खराब फील्डिंग को देखते हुए अब बदलाव की जरूरत साफ नजर आ रही है. सबसे पहले BCCI (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) फील्डिंग कोच टी. दिलीप के भविष्य पर बड़ा फैसला ले सकता है.
उनका कार्यकाल कई बार बढ़ाया गया है और शुरुआती दौर में टीम को अच्छे नतीजे भी मिले थे, लेकिन 2026 में भारतीय टीम की कैचिंग लगातार कमजोर हुई है.
ऐसे में बोर्ड किसी नए फील्डिंग कोच को जिम्मेदारी सौंपने पर विचार कर सकता है, जो नई रणनीति और बेहतर ट्रेनिंग के जरिए टीम की कैचिंग एफिशिएंसी सुधार सके.
हालांकि सिर्फ कोच बदलने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी. असली जिम्मेदारी खिलाड़ियों की भी है. टीम इंडिया के अनुभवी खिलाड़ी लगातार आसान कैच छोड़ रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, खासकर टी20 जैसे तेज फॉर्मेट में बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है.
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खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान कैचिंग और फील्डिंग पर पहले से ज्यादा मेहनत करनी होगी क्योंकि बड़े मुकाबलों में एक भी छोड़ा हुआ कैच मैच का नतीजा बदल सकता है.
अगर भारत को आने वाले ICC टूर्नामेंटों और बड़ी सीरीज में लगातार सफल रहना है, तो बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ-साथ फील्डिंग को भी अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाना होगा. कैच पकड़ने में सुधार अब टीम इंडिया के लिए विकल्प नहीं, बल्कि मजबूरी बन चुका है.
भारत द्वारा छोड़े गए कैच
| मैच | छोड़े गए कैच |
| टी20 वर्ल्ड कप 2026 | 13 |
| पहला टी20I vs आयरलैंड | 3 |
| दूसरा टी20I vs आयरलैंड | 3 |
| दूसरा टी20I vs इंग्लैंड | 1 |
| तीसरा टी20I vs इंग्लैंड | 1 |
| पांचवां टी20I vs इंग्लैंड | 3 |
| कुल | 24 |
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क