टीम इंड‍िया को करारा झटका, ये फ‍िरकी गेंदबाज पूरे T20 वर्ल्ड कप से बाहर... इस ख‍िलाड़ी को मौका

महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच टीम इंड‍िया को करारा झटका लगा है. ऑफ स्पिनर श्रेयंका पाटिल एंकल इंजरी के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं. नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच में चोटिल हुई श्रेयंका की जगह अनकैप्ड लेग स्पिनर प्रेमा रावत को टीम में शामिल किया गया है. अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ अहम मुकाबले से पहले भारत की गेंदबाजी रणनीति पर असर पड़ सकता है.

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श्रेयंका पाट‍िल एक बार फ‍िर इंजर्ड हो गई हैं (Photo: AFP) श्रेयंका पाट‍िल एक बार फ‍िर इंजर्ड हो गई हैं (Photo: AFP)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:29 AM IST


महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है. टीम की प्रमुख ऑफ स्पिनर श्रेयंका पाटिल एंकल इंजरी के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं. 23 वर्षीय श्रेयंका को यह चोट नीदरलैंड्स के खिलाफ टीम इंड‍िया के दूसरे ग्रुप मुकाबले के दौरान लगी थी, जिसके बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा था.

हेडिंग्ले में खेले गए मुकाबले में पावरप्ले के आखिरी ओवर के दौरान श्रेयंका गेंद को रोकने की कोशिश कर रही थीं. इसी दौरान उनका टखना मुड़ गया और वह दर्द से कराहती नजर आईं. मेडिकल टीम की जांच के बाद उन्हें तुरंत मैदान से बाहर ले जाया गया. अब पुष्टि हो गई है कि वह बाकी टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएंगी.

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भारतीय टीम मैनेजमेंट ने उनकी जगह 24 वर्षीय लेग स्पिनर प्रेमा रावत को स्क्र में शामिल किया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी तक डेब्यू नहीं करने वाली प्रेमा को आईसीसी की तकनीकी समिति से मंजूरी भी मिल गई है.

प्रेमा रावत ने पिछले दो सीजन में महिला प्रीमियर लीग (WPL) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए छह मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने तीन विकेट हासिल किए. घरेलू क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है. उत्तराखंड को सीनियर महिला घरेलू चैंपियनशिप जिताने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी. गेंदबाजी के अलावा वह बल्लेबाजी और फील्डिंग में भी योगदान देने की क्षमता रखती हैं.

हालांकि श्रेयंका की कमी को भरना भारतीय टीम के लिए आसान नहीं होगा. उनकी फुर्तीली फील्डिंग टीम की बड़ी ताकत रही है. इसके अलावा वह बाएं हाथ की बल्लेबाजों के खिलाफ आक्रामक विकल्प मानी जाती हैं और डेथ ओवरों में भी कप्तान की भरोसेमंद गेंदबाज रही हैं.

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भारतीय टीम के मौजूदा स्क्वाड में केवल चार गेंदबाज ऐसी हैं जिन्होंने WPL में कम से कम 15 ओवर डेथ फेज में फेंके हैं. इनमें श्रेयंका पाटिल और नंदिनी शर्मा के आंकड़े सबसे प्रभावशाली रहे हैं. ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी टीम की डेथ बॉलिंग रणनीति को प्रभावित कर सकती है.

पिछले दो वर्षों में श्रेयंका लगातार चोटों से जूझती रही हैं और कई बार मैदान से दूर रही हैं. ऐसे में यह नया झटका उनके लिए भी निराशाजनक है.

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारतीय टीम अगले मुकाबले में प्रेमा रावत को सीधे प्लेइंग इलेवन में मौका देगी या फिर अनुभवी स्पिनर राधा यादव पर भरोसा जताएगी. दोनों खिलाड़ी अच्छी फील्डर हैं और निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी कर सकती हैं.

इसके साथ ही भारतीय टीम की तेज गेंदबाजी इकाई में भी कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि श्रेयंका को अक्सर खास मैच-अप और डेथ ओवरों की जिम्मेदारी दी जाती थी. उनकी अनुपस्थिति में टीम मैनेजमेंट को नई रणनीति तैयार करनी होगी.

भारत को अब 21 जून को ओल्ड ट्रैफर्ड में साउथ अफ्रीका के खिलाफ ग्रुप चरण का बेहद अहम मुकाबला खेलना है. सेमीफाइनल की रेस के लिहाज से यह मैच निर्णायक माना जा रहा है. ऐसे में श्रेयंका पाटिल का बाहर होना टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय बन गया है.

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