Ind vs Aus: सिडनी में सुरक्षाकर्मी ने भारतीय दर्शक पर की थी नस्लीय टिप्पणी

सिडनी में रहने वाले कृष्ण कुमार ने इसके खिलाफ आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज करवाई है. उन्होंने कहा कि मैदान पर चार बैनर ले जाने के बाद उन्हें निशाना बनाया गया. इस बैनर में नस्लीय विरोधी संदेश जैसे कि प्रतिद्वंद्विता अच्छी है, नस्लवाद नहीं, नस्लवाद साथी नहीं, गौरों का रंग मायने रखता है और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अधिक विविधताएं लाए शामिल है.

Advertisement
India vs Australia India vs Australia

aajtak.in

  • सिडनी,
  • 17 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 6:06 AM IST
  • सिडनी में बुमराह-सिराज पर हुई थी नस्लीय टिप्पणी
  • बुमराह-सिराज पर हुई नस्लीय टिप्पणी की जांच जारी है
  • सिडनी में भारतीय दर्शक पर यह नस्लीय टिप्पणी हुई है

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए तीसरे टेस्ट के दौरान भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज पर हुई नस्लीय टिप्पणी की जांच जारी है और इस बीच एक ऐसी खबर आ रही है कि उस टेस्ट के दौरान स्टेडियम में मौजूद सुरक्षा अधिकारी ने भी एक भारतीय दर्शक पर नस्लीय टिप्पणी की थी.

Advertisement

जिस भारतीय दर्शक पर यह नस्लीय टिप्पणी हुई है, उन्होंने खुद इसका खुलासा किया है. दर्शक ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि स्टेडियम में मौजूद अधिकारी ने उनसे कहा था कि जहां से आए हो, वहीं चले जाओ.

देखें: आजतक LIVE TV

सिडनी में रहने वाले कृष्ण कुमार ने इसके खिलाफ आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज करवाई है. उन्होंने कहा कि मैदान पर चार बैनर ले जाने के बाद उन्हें निशाना बनाया गया. इस बैनर में नस्लीय विरोधी संदेश जैसे कि प्रतिद्वंद्विता अच्छी है, नस्लवाद नहीं, नस्लवाद साथी नहीं, गौरों का रंग मायने रखता है और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अधिक विविधताएं लाए शामिल है.

सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय दर्शक कुमार को स्टेडियम के गेट पर ही रोक लिया गया और उन्हें बैनर के साथ अंदर नहीं जाने दिया गया. सुरक्षाकर्मियों का कहना था कि बैनर की साइज बहुत बड़ा था. इसके बाद कुमार ने कहा कि वह सुरक्षा सुपरवाइजर से बात करना चाहते हैं. कुमार ने कहा कि इसके बाद अधिकारी ने उन्हें वहां से जाने को कहा.

Advertisement

सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड ने कुमार के हवाले से कहा, 'सुरक्षा अधिकारी ने मुझसे कहा कि अगर तुम्हें इस मामले को उठाना है तो वहीं चले जाओ, जहां से आए हो. मेरे पास बहुत छोटा सा बैनर था. इसे मैंने अपने बच्चों के पेपर से बनाया था.' कुमार से कहा गया कि इस बैनर को वह अपने कार में ही छोड़ का आएं.

कुमार ने कहा कि लंबी जांच और सुरक्षा अधिकारियों के काफी तेज चिल्लाने के बाद उन्होंने आखिरकार विक्टर टम्पर की ओर अपनी सीट ले ली, लेकिन जहां वह बैठे थे, वहां और उनके आसपास अधिक सुरक्षा मुहैया करा दी गई और इसमें भारतीय मूल की एक महिला सुरक्षा अधिकारी भी थीं और वह दूसरी भाषा में बात कर रही थीं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »