अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते में भारी निवेश की बात सामने आई है, लेकिन फंडिंग को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. अलग-अलग बयानों ने इस मुद्दे को और उलझा दिया है. अब आने वाले हफ्तों में बातचीत के जरिए तय होगा कि यह योजना किस तरह लागू की जाएगी और इसमें किसकी क्या भूमिका होगी.