जिस ममता बनर्जी ने सड़क से संसद तक नेताओं को पहुंचाया.जिन चेहरों को टिकट दिया... पहचान दी... सांसद बनाया..आज वही चेहरे ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत का झंडा उठा रहे हैं।और अब हालात ऐसे हो गए हैं कि टीएमसी में सवाल विपक्ष नहीं पूछ रहा...सवाल पार्टी के अपने सांसद और नेता पूछ रहे हैं।
क्या पश्चिम बंगाल में टीएमसी सिर्फ सत्ता ही नहीं हारी.बल्कि अपना संगठन भी खो रही है?